मदुरै में एक कार्यक्रम के दौरान डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि हनुमान पहले अंतरिक्ष यात्री थे। कनिमोझी ने कहा कि तमिलनाडु में ऐसे नेता नहीं हैं जो इस तरह की बातें करें। उन्होंने चंद्रमा पर पहली बार कदम रखने वाले के सवाल पर बच्चों के जवाब का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चे नील आर्मस्ट्रांग का नाम लेंगे, लेकिन कुछ उत्तरी नेता दादी मां की लोककथाओं या हनुमान का नाम ले सकते हैं। उन्होंने इस तरह के दावों को विज्ञान और पौराणिक कथाओं के बीच की रेखा को धुंधला करने वाला बताया।
स्कूली बच्चों के साथ बातचीत
अनुराग ठाकुर ने पिछले महीने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर स्कूली बच्चों के साथ बातचीत में कहा था कि “हनुमान जी पहले व्यक्ति थे जो अंतरिक्ष में गए।” उन्होंने शिक्षकों से ब्रिटिश द्वारा दिए गए पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर हमारे वेदों, हमारी किताबों और हमारे ज्ञान पर ध्यान देने की बात कही थी। इस बयान पर कनिमोझी ने पहले भी आपत्ति जताई थी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि एक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री का यह कहना कि चंद्रमा पर पहला कदम नील आर्मस्ट्रांग ने नहीं, बल्कि हनुमान ने रखा, गंभीर रूप से चिंताजनक है।
विज्ञान और पौराणिक कथाएं एक समान नहीं
कनिमोझी ने जोर देकर कहा कि विज्ञान और पौराणिक कथाएं एक समान नहीं हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कक्षाओं में युवा दिमागों को गुमराह करना ज्ञान, तर्क और संविधान में निहित वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भावना का अपमान है। उन्होंने भारत के भविष्य को उत्सुकता को बढ़ावा देने में देखा, न कि तथ्यों को कथाओं के साथ भ्रमित करने में। उनकी यह टिप्पणी शिक्षा में व्यक्तिगत या पौराणिक विश्वासों को शामिल करने के मुद्दे पर व्यापक बहस को जन्म दे रही है।






