जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है, जहाँ दो अलग-अलग घटनाओं में बादल फटने से अचानक सैलाब आ गया। दरअसल किश्तवाड़ के गहान सार्थल और माछीपाल जैसे इलाकों में ये घटनाएँ सामने आईं, जिसने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अभी तक इन घटनाओं से किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की कोई खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर बना रखी है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
दरअसल जिला प्रशासन ने बताया कि बादल फटने के कारण कुछ सड़कों को क्षति पहुंची है। किश्तवाड़ के डीसी पंकज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अचानक आए सैलाब के कारण तीन से चार सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, हालांकि यह नुकसान गंभीर श्रेणी का नहीं बताया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर यातायात बाधित होने की आशंका कम है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अब तक इस प्राकृतिक आपदा के परिणामस्वरूप जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, जो एक बड़ी राहत है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है ताकि सामान्य जनजीवन जल्द से जल्द बहाल हो सके। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे एहतियात के तौर पर झील क्षेत्र में जाने से बचें, क्योंकि वहाँ पानी का स्तर बढ़ सकता है या भूस्खलन का खतरा हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी जानकारी
वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने बताया कि आज किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। पहली घटना सरथल के गहान इलाके में हुई, जबकि दूसरी घटना माचीपाल से रिपोर्ट की गई। मौके से मिली प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, दोनों ही स्थानों पर किसी के हताहत होने, घायल होने या संपत्ति को किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने किश्तवाड़ के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), पवन कोटवाल (JKAS) के हवाले से बताया कि अब तक जान-माल के किसी भी नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है, जिससे स्थिति नियंत्रण में प्रतीत होती है।
नुकसान का आकलन किया जा रहा
स्थिति का गंभीरता से आकलन करने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति देने के लिए, जिला रेड क्रॉस, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को तत्काल मौके पर भेज दिया गया है। ये टीमें प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं ताकि जमीनी स्तर पर नुकसान का सही आकलन किया जा सके और आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके। सड़कों के अवरुद्ध होने की खबरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद प्रभावित सड़कों को जल्द से जल्द साफ करके यातायात के लिए फिर से खोलने के लिए कर्मचारियों और आधुनिक मशीनों को युद्धस्तर पर काम पर लगा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।






