लियोनेल मेसी कोलकाता इवेंट में हुए हंगामे (Kolkata Messi Event Chaos) के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। विशेष समिति गठित की गई है। जिसके बाद एक-पर-एक एक्शन भी देखने को मिल रहा है। 2026 चुनाव में कुछ महीने की बाकी हैं। इसी बीच इस मामलों को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल देखने को मिल रही है। भाजपा ने टीएमसी सरकार के सामने तीन मांग रखी है। वहीं रविवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने भी कोलकाता में विरोध प्रदर्शन किया।

इस विरोध प्रदर्शन में नॉर्थ कोलकाता के भाजपा अध्यक्ष तमोघना घोष भी शामिल थे। उन्होंने बंगाल प्रशासन और पुलिस लापरवाही और मिसमैनेजमेंट के आरोप लगाए हैं। घोष ने कहा कि, “लोग मेसी को देख भी नहीं पाए। क्योंकि वह स्थानीय टीएमसी नेता और उनके परिजनों से घिरे हुए थे। जिन लोगों ने हजारों रुपये के टिकट खरीदे थे। उन्हें  मेसी का चेहरा तक नहीं दिखा। पुलिस और राज्य सरकार भीड़ को कंट्रोल करने में नाकाम रही”

पुलिस मैनेजमेंट नाकाम रही, उन्हें जांच में न करें शामिल- तमोघना घोष

नॉर्थ कोलकाता बीजेपी अध्यक्ष ने टिकट खरीदने वाले लोगों रिफंड देने और सही जांच की मांग की है। उन्होनें ने यह भी कहा कि, “जांच इस पुलिस फोर्स से नहीं होनी चाहिए, जो सुरक्षा देने में नाकाम नहीं। इस मामले में सबसे बड़ी प्रॉब्लम बंगाल शासन, प्रशासन और बंगाल पुलिस है। जो इस इवेंट को सही से मैनेज तक नहीं कर पाई। इसलिए ऐसी घटना हुई।”

बीजेपी विधायक सुवेंदु अधिकारी ने रखी 3 मांग 

सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुए हंगामे को लेकर बीजेपी विधायक सुवेंदु अधिकारी ने भी ममता बनर्जी की सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होनें कहा कि, “फुटबॉल के लिए कोलकाता प्रसिद्ध है। लोगों की भावनाएं जुड़ी है। लेकिन राज्य सरकार, उनके मंत्रियों और पुलिस ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। एफआईआर भी गलत तरीके से हुई।”

सुवेंदु अधिकारी ने बीजेपी की तरफ ने सरकार से 3 डिमांड की है। जिसमें टीएमसी मंत्री अरूप बिस्वास और सुजीत बोस के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। दोनों के खिलाफ एफआईआर करने के साथ-साथ इन्हें बर्खास्त करने की मांग भी रखी है। सरकार की तरफ ने टिकट खरीदने वालों को रिफंड देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा इस मामले की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में करने की मांग की है, जिसकी रिपोर्ट एक महीने के भीतर जमा की जाएगी।