पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इंदरजीत सिंह गुरुवार को कांग्रेस पार्टी में वापस लौट आए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी छोड़ने के बाद कहा कि कांग्रेस अब स्वच्छ और साफ हो गई है, क्योंकि कांग्रेस के कुछ भ्रष्ट नेता बीजेपी में चले गए। इंदरजीत ने कहा, “बीजेपी पिछड़े वर्गों का इस्तेमाल करती है, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं करती। अब मैं खुश हूं कि मैं अपने घर वापस आ गया हूं।” इसके साथ ही कांग्रेस ने दो शिक्षाविदों रतन लाल और रविकांत को भी पार्टी में शामिल किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले रतन लाल ने कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए कांग्रेस का दामन थामा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “मोदी दावा करते हैं कि पिछले 70 वर्षों में कुछ खास नहीं हुआ, लेकिन स्वतंत्रता के बाद पहले 40 वर्षों में जो हुआ, उसका लाभ आज मिल रहा है। जब संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है, वोट चुराए जा रहे हैं और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को नष्ट किया जा रहा है, तो हर जागरूक व्यक्ति का दायित्व है कि वह कांग्रेस में शामिल होकर इंडिया गठबंधन को मजबूत करे।”
लोकतांत्रिक ढांचे का केंद्र
लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत ने नेहरू-गांधी परिवार को देश के लोकतांत्रिक ढांचे का केंद्र बताया। उन्होंने कहा, “जो लोग नेहरू-गांधी परिवार को नजरअंदाज करते हैं, वे या तो भोले हैं या दुष्ट। प्रधानमंत्री की राजनीति जवाहरलाल नेहरू का अपमान किए बिना काम नहीं करती। जब संविधान और मतदान के अधिकारों को खत्म करने की कोशिशें हो रही हैं और सामाजिक नफरत फैलाई जा रही है, तब जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिए एक व्यक्ति को संघर्ष करना होगा।”
पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद
कांग्रेस में इन नए नेताओं की वापसी और शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इंदरजीत सिंह और दोनों शिक्षाविदों ने मौजूदा राजनीतिक माहौल में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की भूमिका को रेखांकित किया, जिससे पार्टी की रणनीति और विचारधारा को नई दिशा मिल सकती है।





