जी-7 शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई नेता जुटे थे, लेकिन एक ऐसी खास बात हुई जिसने हर किसी का ध्यान खींचा। दरअसल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदाई देते हुए हिंदी में जो संदेश दिया, वह वाकई एक बड़ा सरप्राइज था। ‘प्रिय मित्र नरेंद्र…’, इन शब्दों से शुरू हुए मैक्रों के संदेश ने दोनों देशों की दोस्ती को एक नई ऊंचाई दी है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
दरअसल मैक्रों ने गुरुवार को पेरिस यात्रा के आखिर में पीएम मोदी को यह दिल छू लेने वाला विदाई संदेश दिया। उन्होंने अपनी बात हिंदी में रखते हुए कहा, ‘प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी हुई। नीस, एवियन और पेरिस में आपका स्वागत करके मुझे बहुत अच्छा लगा। फ्रांस और भारत की दोस्ती हमेशा बनी रहे।’ इस हिंदी संदेश के बाद मैक्रों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उन्होंने सही उच्चारण किया है, जो उनकी सादगी और भारत के प्रति सम्मान को दिखाता है।
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
वहीं उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘मेरे प्यारे नरेंद्र मोदी, मैं आपकी दोस्ती के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। फ्रांस आपसे बहुत प्यार करता है। मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली लौटने से पहले आप पेरिस में इतने सारे दोस्तों के साथ हैं।’ मैक्रों ने सिर्फ तारीफ ही नहीं की, बल्कि भारत के लिए एक बड़ी खबर भी दी। उन्होंने घोषणा की कि वे अगले साल फरवरी में भारत आने की योजना बना रहे हैं। यह दौरा निश्चित रूप से भारत-फ्रांस संबंधों में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।
क्यों माना जा रहा था भारत के लिए यह दौरा अहम?
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की यह फ्रांस यात्रा सिर्फ एक सामान्य दौरा नहीं थी, बल्कि इसका मकसद भारत-फ्रांस के बीच ‘खास वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करना था। इस साझेदारी को इस साल की शुरुआत में ही और नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया गया था। अपनी यात्रा के आखिरी दिन, पीएम मोदी और मैक्रों पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप कार्यक्रम ‘विवटेक 2026’ (VivaTech 2026) में भी शामिल हुए। यह गर्व की बात है कि इस कार्यक्रम में भारत AI कंट्री पार्टनर था। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी क्षेत्र का दौरा किया और नए विचारों पर काम करने वाले लोगों व उद्यमियों से भी बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया, जिससे भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच पर पहचान मिली।
प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया
फ्रांस से रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। उन्होंने भारत की प्रगति का ब्यौरा देते हुए बताया कि पिछले 12 सालों में भारत का एक्सपोर्ट 35 गुना बढ़ गया है। यह आंकड़ा वाकई चौंकाने वाला है! साथ ही, देश में मोबाइल बनाने वाली यूनिट्स में 100 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बनाने वाला देश बन गया है। इस तेजी से हो रही तरक्की और विकास की वजह से भारत अब सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जो वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती ताकत को दिखाता है और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
लगातार 12 साल तक प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा करने को अपना सौभाग्य बताते हुए, पीएम मोदी ने भारत के लोकतंत्र की ताकत पर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘यह भारत के लोकतंत्र की ही ताकत है कि एक चाय बेचने वाला इस पद तक पहुंचा है।’ उन्होंने पिछले 12 सालों को 140 करोड़ भारतीयों की अद्भुत क्षमता का प्रमाण बताया। इन सालों में भारत की GDP दोगुनी हो गई है, एयरपोर्ट, यूनिवर्सिटी और हाईवे जैसी सुविधाओं में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है और सबसे महत्वपूर्ण, 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। ये आंकड़े भारत के बदलते स्वरूप और विकास की कहानी बताते हैं, जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।






