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कश्मीर में पर्यटक वाहनों पर रोक की मांग से छिड़ा सियासी विवाद, PDP और BJP आई आमने-सामने

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। दरअसल PDP नेता इल्तिजा मुफ़्ती ने कश्मीर में बढ़ते ट्रैफिक और पर्यावरणीय दबाव का हवाला देते हुए पर्यटक वाहनों की संख्या सीमित करने की मांग की है।
कश्मीर में पर्यटक वाहनों पर रोक की मांग से छिड़ा सियासी विवाद, PDP और BJP आई आमने-सामने

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ़्ती के एक बयान ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। उन्होंने घाटी में बढ़ते ट्रैफिक और पर्यावरण पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए पर्यटक वाहनों की संख्या पर नियंत्रण लगाने की बात कही है। इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

दरअसल इल्तिजा मुफ़्ती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस साल श्रीनगर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ा है। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में पर्यटक निजी वाहनों के जरिए घाटी पहुंच रहे हैं, जिससे सड़क नेटवर्क पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर का पर्यावरण और सड़क व्यवस्था इतनी बड़ी संख्या में वाहनों का दबाव लंबे समय तक नहीं झेल सकती, इसलिए सरकार को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।

इल्तिजा मुफ़्ती के बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस

वहीं इल्तिजा मुफ़्ती के बयान के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। BJP नेताओं ने इस मांग को कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया है। पार्टी का कहना है कि पर्यटन जम्मू-कश्मीर के हजारों परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत है और ऐसे समय में जब बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी का रुख कर रहे हैं, इस तरह के बयान गलत संदेश दे सकते हैं। दरअसल बीजेपी ने कहा कि होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवा, शिकारा संचालन, हस्तशिल्प कारोबार और छोटे व्यापारियों की आजीविका काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है। उनका मानना है कि पर्यटकों की संख्या कम करने की बात करने के बजाय ट्रैफिक प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

कश्मीर पर्यटन और बढ़ती चुनौतियों पर चर्चा

दरअसल हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और डल झील जैसे पर्यटन स्थलों पर सीजन के दौरान भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसके कारण कई बार ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी और स्थानीय सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसी मुद्दे को लेकर इल्तिजा मुफ़्ती ने चिंता जताई है और सरकार से स्थिति का अध्ययन करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर BJP का कहना है कि पर्यटन प्रदेश के विकास और रोजगार से सीधे जुड़ा हुआ है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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