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तमिलनाडु पर अमेरिकी टैरिफ का पड़ेगा कड़ा प्रहार, एमके स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Written by:Mini Pandey
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एमके स्टालिन ने बताया कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था कपड़ा, परिधान, मशीनरी, ऑटो पार्ट्स, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रसायन जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर निर्भर है।
तमिलनाडु पर अमेरिकी टैरिफ का पड़ेगा कड़ा प्रहार, एमके स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय आयात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ वृद्धि से राज्य की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि इस संकट से निपटा जा सके। स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के 52.1 अरब डॉलर के निर्यात का 31 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका को जाता है, जो भारत के कुल निर्यात के 20 प्रतिशत की तुलना में काफी अधिक है।

स्टालिन ने बताया कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था कपड़ा, परिधान, मशीनरी, ऑटो पार्ट्स, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रसायन जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर निर्भर है। इन क्षेत्रों में टैरिफ बढ़ने से बड़े पैमाने पर छंटनी का खतरा है। खासकर कपड़ा क्षेत्र, जो 75 लाख लोगों को रोजगार देता है और भारत के कपड़ा निर्यात में 28 प्रतिशत का योगदान देता है, में 25 प्रतिशत टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत होने पर लगभग 30 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।

राहत पैकेज की मांग

मुख्यमंत्री ने केंद्र से व्यापक राहत पैकेज की मांग की है, जिसमें मैन-मेड फाइबर वैल्यू चेन में उलटे शुल्क ढांचे को ठीक करना, सभी प्रकार के कपास पर आयात शुल्क में छूट, आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत बिना कोलेटरल लोन, ब्याज सब्सिडी और छूट अवधि शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने RoDTEP लाभ को 5 प्रतिशत तक बढ़ाने और ब्राजील की तर्ज पर कर छूट और क्रेडिट जैसे उपायों की वकालत की।

अभूतपूर्व संकट का सामना

एमके स्टालिन ने चेतावनी दी कि तमिलनाडु का विनिर्माण क्षेत्र अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने केंद्र को भरोसा दिलाया कि राज्य इस संकट को कम करने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को तेजी से लागू करने की भी मांग की, ताकि टैरिफ झटकों से भारत की रक्षा हो सके।