प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस भाषण में किसानों के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प जताया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सूक्ष्म संदेश देते हुए कहा कि भारत किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं करेगा। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में गतिरोध के बीच मोदी ने कहा, “मोदी दीवार बनकर खड़ा है।” उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के अपने दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि किसानों और मछुआरों ने देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की निर्भरता दूसरों पर होना आपदा का कारण बन सकता है। उन्होंने 100 जिलों में किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना शुरू करने की बात कही। इसके साथ ही, उन्होंने स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देते हुए घोषणा की कि 2025 के अंत तक मेड-इन-इंडिया चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगे। उन्होंने स्वदेशी उर्वरकों और लड़ाकू जेट इंजनों के विकास का भी आह्वान किया।
सौर ऊर्जा क्षमता को 30 गुना बढ़ाया
ऊर्जा स्वतंत्रता पर जोर देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 11 वर्षों में अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को 30 गुना बढ़ाया है और दस नए परमाणु रिएक्टर चालू हैं। उन्होंने 2047 तक, जब भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 21वीं सदी प्रौद्योगिकी आधारित है और भारत को वैश्विक बाजारों में अपनी ताकत साबित करनी होगी।
103 मिनट का सबसे लंबा भाषण
पीएम मोदी का यह 103 मिनट का भाषण अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा। अमेरिका द्वारा भारत पर 25% शुल्क और रूस से तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाने के बाद यह बयान आया है। ट्रंप का कहना है कि भारत की तेल खरीद रूस के युद्ध को वित्तीय सहायता दे रही है। इस पृष्ठभूमि में मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।





