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ये राज्य कहलाता है “भारत का दिल”, राजशाही का द्वार से लेकर इतिहास सब कुछ है खास! घुमक्कड़ों के लिए है जन्नत

Written by:Sanjucta Pandit
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इससे पहले हम आपको भारत के कई राज्यों की खासियत बता चुके हैं और आज हम आपको उस राज्य से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिसे देश का दिल कहा जाता है।

भारत का हर एक राज्य, शहर और जिला अलग-अलग महत्व के लिए जाना जाता है। देश के चारों कोनों में स्थित शहर विकास को लेकर अपनी अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। जिसमें न केवल सरकार की साझेदारी होती है, बल्कि आम जनता भी अपना अहम योगदान देते हैं। कुछ शहर सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध है, तो कुछ शहरों को शिक्षा का गढ़ माना जाता है। कुछ शहर अपने साथ इतिहास समेटे हुए हैं, तो कुछ शहर उद्योगों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कुछ शहर ऐसे हैं, जहां लोगों को रोजगार मिलता है। तो कुछ शहर ऐसे हैं, जहां लोग अपने सपनों को उड़ान देने के लिए पहुंचते हैं।

इससे पहले हम आपको भारत के कई राज्यों की खासियत बता चुके हैं और आज हम आपको उस राज्य से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिसे देश का दिल कहा जाता है।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)

दरअसल, इस राज्य का नाम मध्य प्रदेश है, जिसे देश का दिल कहा जाता है। यहां की संस्कृति, विरासत, इतिहास, पहनावा-उढ़ावा, परंपरा, खानपान इसे से बाकी सभी राज्यों से बेहद अलग बनाता है। यहां घूमने करने के लिए एक से बढ़कर हिल स्टेशन से लेकर धार्मिक स्थल है, जहां सालों भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। यहां भारत की सबसे स्वच्छ नगरी हुई मौजूद है। इसके अलावा, राजधानी को बेगर मुक्त का अभियान चलाया जा रहा है। यह देश का एक ऐसा राज्य है, जहां यूपी के बाद सबसे अधिक राजनीतिक सक्रियता है। बच्चों के लिए टॉप यूनिवर्टिज हैं, एक-से-बढ़कर एक मार्केट हैं, जहां लोग सस्ते-से-सस्ता और महंगे-से-महंगा सामान आसानी से अपनी पसंद के अनुसार खरीद सकते हैं।

सालों पुराना है इतिहास

एमपी में राजसी स्मारक है, जिसका सालों पुराना इतिहास है। इसके अलावा, यहां एक-से-बढ़कर एक धार्मिक पर्यटन स्थल है। यहां देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से लोग आते हैं। सबसे अधिक श्रद्धालु उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां हर 12 साल में कुंभ मेला लगता है। यह शहर भारत की सात पवित्र नगरीयों में से एक माना जाता है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह प्राचीन शहर महाकाल की नगरी के रूप में भी प्रख्यात है। यहां भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है, जो कि दक्षिण मुखी होने के कारण अनोखा है।

इस राज्य में जाम गेट भी है, जो कि इंदौर और खरगोन जिले की सीमा पर स्थित है, जो कि एक ऐतिहासिक दरवाजा है। ऊंची पहाड़ी के किनारे बना यह विशाल दरवाजा, एक जमाने में राजशाही प्रवेश द्वार हुआ करता था, लेकिन आज यह पर्यटकों का नया फेवरेट व्यू बन रहा है। इसके अलावा, जबलपुर, भेडाघाट, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, मैहर, आदि जैसे टूरिस्ट स्पॉट है।

1956 में हुआ गठन

मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर साल 1956 को हुआ था। क्षेत्रफल के हिसाब यह देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। यह भारत के नक्शे के बीचो-बीच स्थित है। वर्तमान में यहां के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं। टूरिज्म के अलावा यहां का इंदौर शहर अपनी स्वच्छता के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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