भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को घोषणा की कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक महत्वपूर्ण पहाड़ी सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस सुरंग को पूरे कॉरिडोर का सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा था।
पालघर, मुंबई और गुजरात के बीच एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है, और यहां काम में किसी भी तरह की देरी का असर पूरे प्रोजेक्ट की समय-सीमा पर पड़ सकता था। इस सफलता के बाद अब प्रोजेक्ट के बाकी कामों में तेजी आने की उम्मीद है।
सबसे कठिन इंजीनियरिंग चुनौती पार
508 किलोमीटर लंबे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर कुल 8 पहाड़ी सुरंगें बनाई जानी हैं, जिनमें से 7 महाराष्ट्र में हैं। पालघर में बनी MT-5 सुरंग को तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। रेल मंत्रालय के अनुसार, यहां कठोर चट्टानी भूभाग, पहाड़ी ढलान और मानसून के दौरान जलस्तर जैसी कई बाधाएं थीं।
इस सुरंग का निर्माण ‘ड्रिल एंड ब्लास्ट’ तकनीक का उपयोग करके किया गया। इस प्रक्रिया में इंजीनियरों ने हर ब्लास्ट से पहले और बाद में चट्टानों की मजबूती और सुरक्षा मानकों की कड़ी निगरानी की।
“पालघर में माउंटेन टनल का ब्रेकथ्रू यह साफ संकेत देता है कि मुंबई तक बुलेट ट्रेन लाने की दिशा में सबसे कठिन बाधा अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है।” — अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री
Bullet Train Project achieves another milestone.
2nd tunnel breakthrough in Palghar within a month.📍 Palghar, Maharashtra pic.twitter.com/uv3QEsXvjp
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 3, 2026
प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ेगी
इस सुरंग के दोनों छोरों के जुड़ते ही साइट पर काम कर रहे इंजीनियरों और मजदूरों में खुशी की लहर दौड़ गई। अधिकारियों का मानना है कि यह सफलता न केवल बाकी सुरंगों के निर्माण के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी, बल्कि टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी।
इस सफलता के बाद अब वायाडक्ट और ट्रैक-बेड बिछाने के काम में बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा। इससे मुंबई कनेक्टिविटी से जुड़े कामों को भी नई गति मिलेगी। जानकारों का कहना है कि पालघर में पहाड़ पार होते ही प्रोजेक्ट की रफ्तार जमीन के ऊपर और नीचे, दोनों जगह तेज होगी।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि बुलेट ट्रेन परियोजना अब केवल कागजों और खंभों पर ही नहीं, बल्कि ठोस चट्टानों को भेदकर हकीकत की पटरियों पर तेजी से आगे बढ़ रही है।





