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ओडिशा पादरी हमला: ओवैसी ने BJP सरकार पर साधा निशाना, बोले- ‘जंगलराज का उद्घाटन हो चुका है’

Written by:Rishabh Namdev
Published:
ओडिशा के धेंकानाल में पादरी पर हुए हमले को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे 'जंगलराज का उद्घाटन' करार देते हुए कहा कि राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद से अल्पसंख्यकों और आदिवासियों को निशाना बनाया जा रहा है।
ओडिशा पादरी हमला: ओवैसी ने BJP सरकार पर साधा निशाना, बोले- ‘जंगलराज का उद्घाटन हो चुका है’

ओडिशा के धेंकानाल जिले में एक पादरी के साथ भीड़ द्वारा की गई मारपीट की घटना पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले को लेकर राज्य की नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने ओडिशा में ‘जंगलराज का उद्घाटन’ होने की बात कहते हुए उत्तर प्रदेश की कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया।

क्या है धेंकानाल का पूरा मामला?

यह घटना 4 जनवरी की है, जब धेंकानाल जिले में पादरी बिपिन बिहार नाइक पर एक भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया था। आरोप है कि हिंदुवादी संगठन से जुड़े लोगों ने उन्हें पीटा, गोबर खाने पर मजबूर किया और चप्पलों की माला पहनाई। उनसे ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाने की भी कोशिश की गई। इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पीड़ित पादरी ने हमलावरों को माफ करने की अपील की है।

ओवैसी ने X पर साधा निशाना

असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि ओडिशा में पादरी पर हमला कई घटनाओं में से एक है। उन्होंने लिखा, “जब से ओडिशा में भाजपा की सरकार बनी है, राज्य के आदिवासियों, मुसलमानों और ईसाइयों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। कई बंगाली मुस्लिम रेहड़ी-पटरी वालों की पिटाई की गई और उन्हें धमकाया गया है।”

“जंगल राज का उद्घाटन हो चुका है।” — असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM प्रमुख

UP की घटनाओं से की तुलना

ओवैसी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अगर कोई जानना चाहता है कि भविष्य में क्या होगा, तो उसे भाजपा शासित राज्यों, खासकर उत्तर प्रदेश की खबरें देखनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “मुरादाबाद में एक हिंदू-मुस्लिम जोड़े की हत्या कर दी गई। सरकार अखलाक के हत्यारों के खिलाफ मामला वापस लेना चाहती थी, और संभल हिंसा से जुड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने वाले एक जज का तबादला कर दिया गया।”

ओवैसी के इस बयान के बाद ओडिशा में हुई घटना ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है, और राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर दबाव बढ़ गया है।