Hindi News

पाकिस्तान से खत्म हुए रिश्ते तो ये चीजें हो जाएगी महंगी! यहां देखिए पूरी लिस्ट

Written by:Rishabh Namdev
Published:
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में बढ़ती दिक्कतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है। सेंधा नमक से लेकर ड्राई फ्रूट्स तक कई जरूरी चीजें महंगी हो सकती हैं। जानिए पाकिस्तान से आने वाले उन सामानों की पूरी लिस्ट जिनकी कीमतें अब बढ़ सकती हैं।
पाकिस्तान से खत्म हुए रिश्ते तो ये चीजें हो जाएगी महंगी! यहां देखिए पूरी लिस्ट

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रवैया अपना लिया है। अटारी और वाघा बॉर्डर के बंद होने के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार भी लगभग रुक चुका है। वहीं इसका सबसे बड़ा असर कुछ खास चीजों की सप्लाई पर पड़ेगा, जो अब महंगी हो सकती हैं।

दरअसल सेंधा नमक से लेकर ड्राइफ्रूट्स और लेंस तक कई सामानों की कीमत बढ़ने की आशंका है। हालांकि सरकार दूसरे विकल्प तलाश सकती है। चलिए जानते हैं आखिर इन बिगड़ते रिश्तों का असर किन सामानों पर पड़ेगा।

सेंधा नमक हो जाएगा महंगा

भारत में व्रत, त्योहार और खास धार्मिक आयोजनों में सेंधा नमक सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि भारत में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर सेंधा नमक पाकिस्तान से ही आयात होता है। जैसे ही बॉर्डर बंद हुआ, इस नमक की सप्लाई रुक सकती है जिससे इसकी कीमतें आसमान छू सकती हैं। हालांकि भारत के पास कुछ घरेलू विकल्प हैं, लेकिन मांग के मुकाबले सप्लाई काफी कम है। ऐसे में फेस्टिव सीजन में सेंधा नमक की मांग बढ़ने पर इसकी किल्लत हो सकती है।

ड्राई फ्रूट्स और सीमेंट की कीमतों पर पड़ेगा असर 

इसके अलावा सिर्फ सेंधा नमक ही नहीं, ड्राई फ्रूट्स भी उन चीजों में शामिल हैं जिन पर असर दिख सकता है। भारत पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स आयात करता है। व्यापार बंद होने से इनकी कीमतों में बढ़ोतरी आ सकती है, हालांकि भारत अफगानिस्तान, ईरान और अमेरिका से भी ड्राई फ्रूट्स मंगाता है, इसलिए असर कम हो सकता है।

ये चीज भी हो सकती है महंगी

इसके अलावा, चश्मों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल लेंस भी पाकिस्तान से बड़ी संख्या में आते हैं। सप्लाई बंद होने पर इनकी कीमतें थोड़े समय के लिए बढ़ सकती हैं। वहीं, सीमेंट, पत्थर, चूना, कॉटन, स्टील और मेटल कंपाउंड जैसे सामान भी पाकिस्तान से आयात होते हैं। इनकी कमी निर्माण और रियल एस्टेट सेक्टर में लागत बढ़ा सकती है, जो आगे चलकर मकानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर असर डालेगा।

 

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
Follow Us :GoogleNews