पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा देवेगौड़ा का शनिवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दरअसल वह बेंगलुरु के ओल्ड एयरपोर्ट रोड स्थित मणिपाल अस्पताल में भर्ती थीं, जहां उनका सांस संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा था। अस्पताल के अनुसार, शनिवार शाम उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। निधन के समय उनके पति एचडी देवेगौड़ा, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल में मौजूद थे।
वहीं अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक चेन्नम्मा देवेगौड़ा को कुछ दिन पहले स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी, लेकिन शनिवार शाम अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत से शोक संदेश आने लगे।
चेन्नम्मा देवेगौड़ा का जीवन
दरअसल चेन्नम्मा देवेगौड़ा ने वर्ष 1954 में एचडी देवेगौड़ा से विवाह किया था। उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। परिवार के दो प्रमुख चेहरे केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और विधायक एचडी रेवन्ना हैं जिन्होंने कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि इतना बड़ा राजनीतिक परिवार होने के बावजूद चेन्नम्मा हमेशा मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहीं।
चेन्नम्मा ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली
दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा कई मौकों पर अपनी पत्नी के योगदान का जिक्र करते रहे हैं। उनका कहना रहा कि जब वह राजनीति में लगातार व्यस्त रहते थे तब चेन्नम्मा ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली और हर परिस्थिति में उनका साथ दिया। वर्ष 2001 में वह एक एसिड अटैक की शिकार भी हुई थीं। उस घटना के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और सामान्य जीवन जीने की कोशिश जारी रखी। वहीं चेन्नम्मा देवेगौड़ा के निधन के बाद जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ताओं और नेताओं में शोक का माहौल है।






