भारत, जो दुनिया में अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग देशों से तेल और संसाधन लेने की कोशिश कर रहा है, उसने लैटिन अमेरिका के अहम देश वेनेजुएला के साथ अपने रिश्तों को नई मजबूती दी है। दरअसल इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 4 जून 2026 को भारत की चार दिन की यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज से मुलाकात की। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच लंबे समय तक साथ मिलकर काम करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया की राजनीति तेजी से बदल रही है और देशों को एक-दूसरे के सहयोग की जरूरत महसूस हो रही है।
वहीं इस अहम मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के साथ ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तार से बात की। इसके साथ ही दवा उद्योग और जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) में साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, ताकि दोनों देशों के बीच कारोबार और आर्थिक रिश्ते और मजबूत हो सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर साफ कहा कि लैटिन अमेरिका में वेनेजुएला भारत का एक अहम साथी है और दोनों देशों के मजबूत रिश्ते सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए भी जरूरी हैं। इससे साझा चुनौतियों से निपटने और साथ मिलकर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और दुनिया में ग्लोबल साउथ की आवाज और मजबूत होगी।
क्यों अहम मानी जा रही यह मुलाकात?
Happy to meet with the Acting President of Venezuela, Ms. Delcy Rodríguez. We had extensive discussions on expanding our cooperation in energy, critical minerals, technology, agriculture, health and people-to-people ties.
As a valued partner in Latin America, our close… pic.twitter.com/TSQJjw50TB
— Narendra Modi (@narendramodi) June 4, 2026
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान वेनेजुएला में फंसी एक भारतीय सरकारी कंपनी के डिविडेंड को वापस लाने का मुद्दा भी उठाया। यह मामला दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को आसान और साफ बनाए रखने के लिए जरूरी माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में निवेश और सहयोग का रास्ता भी और खुल सकता है। यह यात्रा इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसी साल जनवरी में काराकास में अमेरिकी सैनिकों द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर ले जाने के बाद वहां अंतरिम सरकार बनाई गई थी और डेल्सी रॉड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद वह पांच मंत्रियों के बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी पहली भारत यात्रा पर पहुंची हैं। इसे दोनों देशों के बीच नए सिरे से रिश्ते मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई। हालांकि इस बैठक के बाद अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, जरूरी खनिजों तक पहुंच, नई तकनीक, खेती में नए तरीकों और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि इससे आने वाले समय में दोनों देशों को फायदा होगा और रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी।
कार्यवाहक राष्ट्रपति रॉड्रिगेज की यह चार दिन की भारत यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दुनिया के ऊर्जा बाजार में वेनेजुएला का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। वेनेजुएला अब रूस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाद भारत को सबसे ज्यादा तेल सप्लाई करने वाला तीसरा बड़ा देश बन गया है। ऐसे में भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदने वाला देश है, अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने और सप्लाई में आने वाली दिक्कतों से बचने के लिए अलग-अलग देशों के साथ साझेदारी बढ़ा रहा है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों में किसी भी परेशानी की स्थिति से बचने के लिए भारत लगातार अपने ऊर्जा स्रोत बढ़ाने पर काम कर रहा है।






