प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार (19 फरवरी 2026) को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन ग्लोबल साउथ में अपनी तरह का पहला शिखर सम्मेलन है, जिसका लक्ष्य भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करना है। उद्घाटन समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित दुनिया भर के शीर्ष उद्योगपतियों भी वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे।
इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे भविष्य की नींव रखना है, जहां AI मानवता की प्रगति, समावेशी विकास और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत AI का उपयोग आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।
गूगल का 15 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश
शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले, बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कई वैश्विक नेताओं और उद्योगपतियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के साथ हुई मुलाकात बेहद अहम रही। इस बैठक के बाद सुंदर पिचाई ने भारत में अगले पांच वर्षों के दौरान AI क्षेत्र में लगभग 15 बिलियन डॉलर (करीब 1,360 अरब रुपये) के निवेश का ऐलान किया।
“हमारा मानना है कि भारत एआई के क्षेत्र में शानदार प्रगति करने वाला है और हम इसमें भागीदार बनना चाहते हैं।” — सुंदर पिचाई, सीईओ, गूगल
इसके अलावा पीएम मोदी ने स्पेन, फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, कजाकिस्तान और भूटान के नेताओं से भी मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के साथ अलग-अलग बैठकों में भारत-यूरोपीय संघ (EU) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को भारत-यूरोप संबंधों में एक स्वर्णिम युग की शुरुआत बताया।
भारत ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस आयोजन ने भारत के नाम एक बड़ी उपलब्धि भी दर्ज कराई। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत ने 24 घंटे में ‘एआई रिस्पांसिबिलिटी कैंपेन’ के लिए सबसे अधिक संकल्प प्राप्त करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को डेटा गोपनीयता, जवाबदेही, पारदर्शिता और गलत सूचना से निपटने जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर जागरूक करना था।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जो कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे, ने पीएम मोदी के साथ अपनी एक AI-जनरेटेड तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “जब दोस्त जुड़ते हैं तो इनोवेशन होता है।”
सेना ने दिखाई ‘मेक इन इंडिया’ AI की ताकत
इंडिया एआई समिट में भारतीय सेना ने भी अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। सेना ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित कई AI आधारित सिस्टम पेश किए, जिनका उपयोग न केवल रक्षा क्षेत्र में बल्कि आम नागरिकों के लिए भी किया जा सकेगा। इसमें एक ऐसा AI एग्जाम सिस्टम शामिल था जो परीक्षा की कॉपियां जांचने से लेकर फीडबैक तैयार करने तक का काम कर सकता है। इसके अलावा, सेना ने एक ऐसी प्रणाली भी दिखाई जो भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की तीन से सात दिन पहले तक सटीक भविष्यवाणी कर सकती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम मोदी दिनभर शिखर सम्मेलन की विभिन्न बैठकों में हिस्सा लेंगे। दोपहर 12 बजे से नेताओं की पूर्ण बैठक और शाम 5:30 बजे से कंपनियों के सीईओ के साथ एक विशेष सत्र निर्धारित है।






