टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम को नामीबिया के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए न भेजे जाने पर उठे विवाद पर टीम के उप-कप्तान शादाब खान ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इस फैसले को बाबर की ‘बेइज्जती’ बताए जाने की बातों को खारिज करते हुए कहा कि यह टीम की रणनीति का हिस्सा था और हर खिलाड़ी पेशेवर तरीके से इसे ले रहा है।
नामीबिया के खिलाफ हुए मैच में पाकिस्तान ने अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम को बैटिंग के लिए नहीं भेजा। आमतौर पर ऊपरी क्रम में खेलने वाले बाबर की जगह ख्वाजा नफे और फिर खुद शादाब खान को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। इस फैसले ने कई लोगों को हैरान कर दिया और इसे बाबर के अपमान के तौर पर देखा गया। हालांकि, टीम को इसका फायदा मिला और पाकिस्तान ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 199 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
‘कोई भी खिलाड़ी इसे दिल पर नहीं ले सकता’
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब शादाब खान से इस बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने टीम के रुख को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि टीम का एकमात्र लक्ष्य पाकिस्तान के लिए मैच जीतना है और इसके लिए जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा।
“बतौर प्रोफेशनल खिलाड़ी, इन बातों को आप दिल पर नहीं ले सकते। मैसेज साफ है, इसलिए यह किसी भी खिलाड़ी के लिए कोई समस्या नहीं है। हर खिलाड़ी पाकिस्तान टीम को जिताने में मदद करने की कोशिश कर रहा है।” — शादाब खान
शादाब ने इस बात पर जोर दिया कि टीम में हर खिलाड़ी को उसकी भूमिका के बारे में अच्छी तरह से पता है और परिस्थितियों के अनुसार बदलाव किए जाते हैं।
क्या यह कोई एक्सपेरिमेंट था?
जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या पाकिस्तान इतने महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में एक्सपेरिमेंट कर रहा है, तो शादाब ने इस बात से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह कोई प्रयोग नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति थी।
उन्होंने आगे कहा, “अगर आप बाबर को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजने की बात कर रहे हैं तो, उसे साफ-साफ पता है कि उसका रोल कब आना है, उसे कब खेलना है। हर खिलाड़ी के लिए मैसेज साफ है। कंडीशन के हिसाब से टीम में बदलाव होते हैं, यही हो रहा है।”
गौरतलब है कि भारत के खिलाफ हार के बाद पाकिस्तान पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था। वहीं, बाबर आजम की धीमी स्ट्राइक रेट भी लगातार सवालों के घेरे में थी, जिसके चलते टीम प्रबंधन पर दबाव था।






