प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक बेहद अच्छी बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। मोदी ने कहा कि इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयासों पर विचार साझा किए। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया।”
मैक्रों ने बातचीत का विवरण साझा करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन में युद्ध को लेकर अपनी स्थिति पर समन्वय स्थापित किया। उन्होंने कहा, “हमने व्यापार के मुद्दों पर आर्थिक आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत द्वारा रूसी तेल की खरीदारी को लेकर अमेरिका का दबाव बढ़ रहा है, जिसके जवाब में वाशिंगटन ने भारतीय सामानों पर 50% तक के अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी से की बात
मैक्रों ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, “मैंने अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। हमने यूक्रेन में युद्ध पर अपनी स्थिति को समन्वित किया ताकि एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सके, जिसमें यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा के लिए मजबूत गारंटी हो।” उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश 2026 में नई दिल्ली में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट की सफलता के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, साथ ही फ्रांस की जी7 और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की तैयारियों में भी सहयोग करेंगे।
ट्रंप से हुई थी मुलाकात
यह बातचीत मैक्रों के उस दौरे के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। ट्रंप ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का में शिखर बैठक की थी, जहां यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर चर्चा हुई। हालांकि, इन बैठकों से तत्काल कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया।






