लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल गिरने के बाद देश की राजनीति में सियासी घमासान छिड़ गया है। ऐसी खबर सामने आई है कि भारतीय जनता पार्टी शनिवार को देशभर में विपक्षी गठबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। इतना ही नहीं भाजपा के साथ एनडीए के सहयोगी दल भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे और विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। खबर है कि एनडीए सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस मुद्दे को देश के कोने-कोने में उठाया जाएगा।
बता दें कि लोकसभा में इस बिल के गिरने के बाद अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के घटक दलों की बैठक हुई। जिसमें तय हुआ कि एनडीए इस मुद्दे को जोरशोर से उठाएगी। इस बैठक में कई दिग्गज नेता शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी महिला मोर्चा के नेतृत्व में ये विरोध प्रदर्शन देश भर के सभी जिला मुख्यालयों पर किए जाएंगे।
संसद परिसर में एनडीए महिला सांसदों का विरोध प्रदर्शन
बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल पास नहीं हो पाने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सभी एनडीए महिला सांसदों ने संसद परिसर में विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी और महिला आरक्षण से जुड़े इस विधेयक के असफल रहने पर नाराजगी जताई।
नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत महंगा पड़ेगा- जेपी नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी विपक्षी गठबंधन पर हमल बोला है। उन्होंने कहा कि आज लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल-2026 पास न हो पाना कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन की महिला विरोधी सोच को दिखाता है। आज हमारे देश के लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय शुरू हो गया है। यह सिर्फ़ एक बिल की हार नहीं है, बल्कि उस भरोसे का टूटना है जो लाखों बहनों ने बेहतर भविष्य के लिए बनाया था। एक तरफ़ हम महिलाओं को ‘शक्ति’ मानकर उन्हें मज़बूत बनाने का सपना देखते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ विपक्ष की छोटी सोच ने उनकी तरक्की के रास्ते में दीवार खड़ी कर दी है। यह उनके सपनों और उनकी काबिलियत का अपमान है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत महंगा पड़ेगा। यह गुस्सा अब नहीं रुकेगा। 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव में देश की बहनें अपने सपनों को कुचलने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी। याद रखिए, शक्ति का यह गुस्सा आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है।
नितिन नबीन ने इंडी गठबंधन को बताया ‘महिला विरोधी गठबंधन’
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंंने कहा कि इंडी गठबंधन का असली महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आया। नितिन नबीन ने आगे कहा कि राहुल गांधी और उनके ‘महिला विरोधी गठबंधन’ ने बिल को पास न होने देकर देश की ‘आधी आबादी’ के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है, जिससे नारी शक्ति वंदन अधिनियम को असरदार तरीके से लागू किया जा सकता था। वही कांग्रेस, जिसने दशकों तक महिलाओं को सिर्फ़ वोट बैंक समझा, आज खुलेआम उनकी हिस्सेदारी और भागीदारी को कुचल रही है- लाखों माताओं और बहनों के सपनों पर कायरतापूर्ण हमला।
भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि खोखले वादे और महिला शक्ति का बार-बार अपमान करना हमेशा से कांग्रेस की असली राजनीति रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मानित नेतृत्व में देश महिलाओं को ‘शक्ति’ के रूप में पहचान देकर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष की यह नकारात्मक सोच उनके विकास विरोधी चरित्र को दिखाती है। महिला शक्ति पर यह गुस्सा अब नहीं रुकेगा और आने वाले चुनावों में देश की माताएं और बहनें अपने अधिकारों को कुचलने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी और इस धोखे का पूरा हिसाब लेंगी।
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन पर वोटिंग की स्थिति
बता दें कि महिला आरक्षण विधेयक से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल संसद में पारित नहीं हो सका। बिल के पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट मिले। इस दौरान लोकसभा में 528 सांसदों ने वोट डाले। विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। इस हिसाब से दो तिहाई 326 होता है। इस तरह बहुमत नहीं मिलने की वजह से यह विधेयक पास 28 वोट से गिर गया।
आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा सकता था, लेकिन राहुल गांधी व कांग्रेस के Anti-Women Alliance ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है।
आज राजनीति में आधी आबादी की भागीदारी सुनिश्चित करने का दिन हो सकता था, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ मिलकर उनके सहयोगी दलों ने… pic.twitter.com/ZQGC6xfS4C
— BJP (@BJP4India) April 17, 2026





