पंजाब में आसन्न विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने पंजाब इकाई में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं, जिससे संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान की जा सके और चुनावी रणनीति को धार मिल सके। इन नियुक्तियों के माध्यम से कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपनी सक्रियता का संकेत दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति चुनाव अभियान को गति देने और पार्टी के प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। चन्नी के नेतृत्व में पार्टी मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करेगी। इसी क्रम में, विजय इंद्र सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। यह समिति चुनाव संबंधी सभी गतिविधियों के सुचारु संचालन और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी, ताकि चुनावी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी में शामिल किया गया है, जो पार्टी के प्रमुख रणनीतिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और शीर्ष नेतृत्व को सलाह देंगे। डॉ. अमर सिंह को पंजाब मैनिफेस्टो कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिसका काम आगामी चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र तैयार करना होगा, जिसमें जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पंजाब चुनाव की तारीखों का इंतजार
पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीखों का अभी निर्वाचन आयोग द्वारा ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन स्पष्ट है कि अब चुनाव में अधिक समय शेष नहीं है। वर्तमान में आम आदमी पार्टी के भगवंत मान राज्य के मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने ही पंजाब चुनाव के लिए अपनी तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं और चुनावी रण में उतरने को तैयार हैं।
पश्चिम बंगाल की जीत के बाद पंजाब पर भाजपा की नजर
एक तरफ, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित भाजपा हर हालत में पंजाब जीतने की कोशिश में है। पार्टी राज्य में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है और नए सिरे से रणनीति बना रही है। भाजपा का मानना है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान में उसे अपने लिए अवसर मिल सकता है। इस संभावित त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा तीसरे विकल्प के रूप में उभरने का प्रयास कर रही है। यही कारण है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जो पार्टी के बड़े इरादों को दर्शाता है। नितिन नवीन ने हाल ही में पंजाब के अमृतसर में स्थित हरमंदिर साहिब, दुर्गाना मंदिर और राम तीर्थ मंदिर में मत्था टेका था। उन्होंने जलियांवाला बाग का भी दौरा किया और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया, जिससे चुनावी माहौल को गरमाया जा सके।
नई नियुक्तियों से संगठन मजबूत कर रही कांग्रेस
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी सत्ता में वापसी कर अपनी राजनीतिक मजबूती को फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रही है। पार्टी को उम्मीद है कि नई नियुक्तियां और संगठनात्मक बदलाव उसे इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेंगे और मतदाताओं का विश्वास फिर से जीतेंगे। वहीं, आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पंजाब में हार का जोखिम नहीं उठाना चाहती। दिल्ली में मिली सफलता के बाद पंजाब में सत्ता में आई आम आदमी पार्टी पूरे जोश के साथ मैदान में है और अपनी सरकार के विकास कार्यों के दम पर मतदाताओं को लुभाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे।
पंजाब में त्रिकोणीय मुकाबले की तैयारी
यह तो तय है कि इस बार पंजाब में एक दिलचस्प और त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। सभी प्रमुख दल अपने स्तर पर मतदाताओं को आकर्षित करने की हर संभव कोशिश करेंगे। वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान भी अपनी सरकार के विकास की कहानी सुनाकर जनता का समर्थन हासिल करने का प्रयास करेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि पंजाब का चुनावी दंगल कौन जीतता है और राज्य की जनता किसे अपना नेतृत्व सौंपती है।
Congress President Shri @kharge has appointed the Chairpersons of the following election related committees for the upcoming assembly elections in Punjab, with immediate effect.
He has also appointed Working Presidents of the Punjab Pradesh Congress Committee & Co-Chairpersons… pic.twitter.com/igkhG8I2ps
— Congress (@INCIndia) July 1, 2026






