चंडीगढ़: पंजाब में अपराध, गैंगस्टर और नशे के नेटवर्क पर राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ के तहत पूरे प्रदेश में 72 घंटे का विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन का नेतृत्व डीजीपी गौरव यादव कर रहे हैं, जिसके तहत पूरे राज्य में एक साथ छापेमारी, नाकाबंदी और धरपकड़ की जा रही है।
यह अभियान केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि सरकार की उस राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है, जिसका लक्ष्य राज्य में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करना है। पुलिस की रणनीति बेहद सख्त है- हाई-टेक नाके लगाकर जांच, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर सीधी कार्रवाई और किसी भी घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर अपराधियों के भागने के सभी रास्ते बंद करना।
20 दिनों का रिपोर्ट कार्ड: 5,290 गिरफ्तार
ऑपरेशन प्रहार-2 के हालिया आंकड़े चौंकाने वाले हैं। सिर्फ पिछले 20 दिनों में पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 17,603 जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान 5,290 गैंगस्टर और उनके मददगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। यही नहीं, पुलिस ने 128 अवैध हथियार बरामद किए और 344 घोषित भगोड़े अपराधियों को भी पकड़ा। अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से कमजोर करने के लिए 2,973 लोगों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई भी की गई है। यह दिखाता है कि मान सरकार अपराध होने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय उसे रोकने की नीति पर काम कर रही है।
जब ‘प्रहार-1’ ने बदली थी तस्वीर
इससे पहले इसी साल जनवरी में चले ‘ऑपरेशन प्रहार’ के पहले चरण ने राज्य में कानून-व्यवस्था की दिशा बदल दी थी। वह अभियान भी 72 घंटों तक चला था, जिसमें 3,256 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। उस दौरान 69 अवैध हथियार बरामद किए गए थे और पटियाला व फाजिल्का में गैंगस्टरों के साथ पुलिस की मुठभेड़ भी हुई थी। उस ऑपरेशन को पंजाब के इतिहास का सबसे बड़ा समन्वित पुलिस ऑपरेशन माना गया था, जिसमें 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 1,200 टीमें एक साथ मैदान में उतरी थीं।
नशा माफिया की भी टूटी कमर
गैंगस्टरों के साथ-साथ नशा माफिया पर भी सरकार का एक्शन लगातार जारी है। ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक 48,167 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान 2,149 किलो हेरोइन और 15.91 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई है। इस संबंध में कुल 33,779 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो जमीनी स्तर पर हो रही कार्रवाई को दर्शाती हैं।
आंकड़े यह भी बताते हैं कि पंजाब की कानून व्यवस्था पड़ोसी राज्यों के मुकाबले बेहतर हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल अपराध दर में हरियाणा की स्थिति पंजाब से लगभग तीन गुना ज्यादा खराब है। सरकार का दावा है कि यह बदलाव स्पष्ट नीति और जीरो टॉलरेंस अप्रोच का नतीजा है।





