आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को राज्यसभा में प्रीपेड रिचार्ज से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड रिचार्ज की वैधता खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है और इस पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने इसे टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
इसी के साथ उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही 28 दिन की रिचार्ज व्यवस्था की भी आलोचना करते हुए हुए तीन या इकत्तीस दिन का रिचार्ज सिस्टम लागू करने की मांग की। सांसद ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग प्रीपेड रिचार्ज के जरिए मोबाइल सेवा का उपयोग करते हैं। जब रिचार्ज समाप्त हो जाता है तो आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल बंद कर देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
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राज्यसभा में गूंजा प्रीपेड रिचार्ज का मुद्दा
आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों की मौजूदा प्रीपेड रिचार्ज व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए इसे उपभोक्ताओं के साथ अन्याय करार दिया। सदन में बोलते हुए राघव चड्ढा ने विशेष रूप से दो मुख्य समस्याओं..28 दिन की वैधता और इनकमिंग कॉल बंद होने की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
इनकमिंग सेवा पर रोक
उन्होंने रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल और एसएमएस (जैसे ओटीपी) बंद कर देने की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रिचार्ज न होने पर आउटगोइंग बंद करना समझ आता है, लेकिन इनकमिंग बंद करना ‘राइट टू कम्युनिकेशन’ का उल्लंघन है। उन्होंने रिजार्च खत्म होने के बाद कम से कम 1 साल तक इनकमिंग कॉल चालू रखने की मांग की है।
28 दिन का रिचार्ज
राघव चड्ढा ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियां 30 या 31 दिन के बजाय 28 दिन का रिचार्ज बेचती हैं। इस गणित के कारण उपभोक्ताओं को साल में 12 के बजाय 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है, जो आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को साल में एक माह का अतिरिक्त रिचार्ज कराना पड़ता है। इसे बंद कर कैलेंडर के हिसाब से रिचार्ज करने की व्यवस्था शुरु होनी चाहिए और मासिक प्लान शुरु होना चाहिए। आप नेता ने मांग की कि रिचार्ज सिस्टम को कैलेंडर महीने (30 या 31 दिन) के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।