नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज सोमवार को लोकसभा में चीन के मुद्दे पर मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया, उन्होंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित एक किताब के कुछ हिस्सों को पढ़ना शुरू किया जिसपर सदन में शोर शराबा शुरू हो गया, राहुल गांधी ने किताब के हवाले से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कुछ बातों को उठाना चाहा जिसपर राजनाथ सिंह, अमित शाह ने उन्हें टोका, लोकसभा स्पीकर राजनाथ सिंह ने भी राहुल गांधी को नियमों और संसदीय परम्पराओं का पाठ पढ़ाते हुए अपनी बात को रोकने के लिए कहा लेकिन उनका हमला जारी रहा अंततः स्पीकरओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया
लोकसभा में बजट सत्र का आज चौथा दिन था, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी इसके लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 18 घंटे का समय निर्धारित किया है, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने चीन के मुद्दे को एक बार फिर उठाया, राहुल गांधी ने इसके लिए जनरल नरवणे की एक अप्रकाशित किताब को हाथ में लिया और नरवणे ने जो लिखा उसे बोलना शुरू कर दिया, उनके निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह थे।
सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुआ कहा जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी ने अपनी किताब में PM नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में साफ-साफ लिखा है। मैं उसी आर्टिकल को Quote कर रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा पूरी मोदी सरकार डरी हुई है कि अगर नरवणे जी की किताब सामने आ गई, तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की असलियत देश को पता चल जाएगी कि जब चीन हमारी तरफ आ रहा था- तो ’56 इंच’ की छाती को क्या हुआ था?
मुझे बोलने नहीं दे रहे
राहुल गांधी ने कहा मैं नेता प्रतिपक्ष हूँ लेकिन मुझे सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा, मुझे दो तीन लाइन बोलनी है लेकिन मुझे बोलने नहीं दे रहे, उन्होंने कहा- यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये सेना प्रमुख के शब्द हैं, और यह बातचीत उन्होंने राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी से की थी। मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मैं सदन में वही कहना चाहता हूं जो सेना प्रमुख ने लिखा है और राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें क्या आदेश दिए हैं।
मोदी सरकार जाने क्यों डरी हुई है
नेता प्रतिपक्ष ने कहा मैं संसद में बोलना चाहता हूं, लेकिन मोदी सरकार जाने क्यों डरी हुई है। यहां मुद्दा ठीक वही है जो प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह ने कहा,जमीन ली गई या नहीं, यह एक अलग सवाल है, हम उस पर बाद में बात करेंगे। लेकिन उससे पहले, देश के नेता को दिशा-निर्देश देना चाहिए। देश के नेता को फैसले लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए और उन्हें दूसरों के कंधों पर नहीं छोड़ना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यही किया है।
यह सेना प्रमुख का नजरिया है
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह मैं नहीं कह रहा, यह सेना प्रमुख ने एक किताब में लिखा है। किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा है। वह ठंडे बस्ते में पड़ी है, और यह सेना प्रमुख का नजरिया है। वे सेना प्रमुख के नजरिए से इतना क्यों डरते हैं? वे सेना प्रमुख की बातों से इतना क्यों डरते हैं? हम इससे कुछ सीखेंगे। बेशक, हम अपने प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखेंगे। हम राजनाथ सिंह जी के बारे में कुछ सीखेंगे। लेकिन हम सेना के बारे में भी कुछ सीखेंगे और यह भी जानेंगे कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को किस तरह निराश किया।





