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16वें वित्त आयोग से हिमाचल को झटका, 10,000 करोड़ रुपये के RDG पर 8 फरवरी को सुक्खू कैबिनेट की अहम बैठक

Written by:Ankita Chourdia
Published:
16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद करने की सिफारिश के बाद हिमाचल सरकार ने 8 फरवरी को कैबिनेट बैठक बुलाई है। इसमें करीब 10,000 करोड़ रुपये के इस अनुदान को बहाल करने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाएगा और कानूनी विकल्पों पर भी विचार होगा।
16वें वित्त आयोग से हिमाचल को झटका, 10,000 करोड़ रुपये के RDG पर 8 फरवरी को सुक्खू कैबिनेट की अहम बैठक

शिमला: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के बंद होने की आशंका के बीच हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने 8 फरवरी को एक महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल बैठक बुलाई है। सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा केंद्र से इस अनुदान को बहाल करने की मांग का प्रस्ताव पारित करना है।

राज्य सरकार का मानना है कि हर साल मिलने वाले करीब 10 हजार करोड़ रुपये के इस अनुदान के बंद होने से प्रदेश के आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को बड़ा झटका लगेगा। बैठक में इस फैसले के प्रभावों पर विस्तृत चर्चा होगी और सरकार इसे लेकर कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर सकती है।

क्या है राजस्व घाटा अनुदान?

संविधान के अनुच्छेद 275-1 के तहत केंद्र सरकार राज्यों को विशेष अनुदान देती है, जिसे राजस्व घाटा अनुदान (RDG) कहा जाता है। हिमाचल प्रदेश को यह अनुदान 1952 से लगातार 15वें वित्त आयोग तक मिलता रहा है। देश के जिन 17 राज्यों को यह अनुदान मिल रहा था, उनमें हिमाचल भी शामिल था।

आयोग की सिफारिशों से बढ़ी चिंता

1 फरवरी को केंद्रीय बजट के साथ पेश की गई 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों में RDG को बंद करने का सुझाव दिया गया है। ये सिफारिशें 1 अप्रैल, 2026 से लागू होनी हैं। इसके अलावा, राज्य के लिए जीएसडीपी के तीन प्रतिशत ऋण लेने की सीमा में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे प्रदेश की वित्तीय चिंताएं और बढ़ गई हैं।

हालांकि, आयोग ने विभाज्य पूल में हिमाचल का हिस्सा 15वें वित्त आयोग के 0.830 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.914 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह RDG के नुकसान की भरपाई के लिए नाकाफी है। कैबिनेट बैठक में ऋण सीमा बढ़ाने और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये जारी करने के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी।

बजट तैयारियों को लेकर विधायक प्राथमिकता बैठकें

कैबिनेट बैठक से पहले, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 6 और 7 फरवरी को विधायक प्राथमिकता बैठकें आयोजित की जाएंगी। ये बैठकें वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियों के सिलसिले में हो रही हैं।

बैठकों का शेड्यूल:

  • 6 फरवरी: सुबह ऊना, हमीरपुर, सिरमौर और दोपहर बाद सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहुल-स्पीति और किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ चर्चा होगी।
  • 7 फरवरी: सुबह शिमला और मंडी, जबकि दोपहर बाद कांगड़ा और कुल्लू के विधायकों से सुझाव लिए जाएंगे।

इन बैठकों में मितव्ययिता, वित्तीय संसाधन जुटाने और बेहतर प्रशासन पर भी विचार-विमर्श होगा।

बजट के लिए जनता से मांगे सुझाव

प्रदेश सरकार ने आगामी बजट को जन-केंद्रित बनाने के लिए एक विशेष पहल की है। वित्त विभाग ने उद्योग, व्यापार, किसान संगठनों और आम नागरिकों से 10 फरवरी तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके लिए वित्त विभाग की वेबसाइट पर एक विशेष वेब पोर्टल शुरू किया गया है, जहां कोई भी व्यक्ति अपने सुझाव ऑनलाइन दे सकता है।