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दरवाजों और छतों पर लटकने को मजबूर लोग, राहुल गांधी ने ट्रेनों में भीड़भाड़ को लेकर NDA पर साधा निशाना

Written by:Mini Pandey
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कांग्रेस नेता ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक तरफ भीड़भाड़ वाले स्टेशन और ट्रेनों की तस्वीरें हैं, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के दृश्य हैं।
दरवाजों और छतों पर लटकने को मजबूर लोग, राहुल गांधी ने ट्रेनों में भीड़भाड़ को लेकर NDA पर साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़ और यात्रा की अमानवीय स्थिति के लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में बिहार के लिए ट्रेनों में भारी भीड़ है, टिकट मिलना असंभव है और यात्रा की स्थिति बदतर हो गई है। गांधी ने दावा किया कि कई ट्रेनें 200% से अधिक भरी हुई हैं, जहां लोग दरवाजों और छतों पर लटकने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे “विफल डबल-इंजन सरकार” की नीतियों और इरादों का जीवंत प्रमाण बताया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा कि दीवाली, भाई दूज और छठ जैसे त्योहार बिहार के लोगों के लिए केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह घर वापसी की लालसा, मिट्टी की सोंधी खुशबू, परिवार के प्यार और गांव की गर्मजोशी का प्रतीक भी हैं। लेकिन, यह लालसा अब एक संघर्ष बन गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा एक अधिकार है, न कि कोई एहसान।

12000 स्पेशल ट्रेनों के दावे पर सवाल

राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किया कि 12,000 विशेष ट्रेनों का दावा कहां है? हर साल स्थिति क्यों बिगड़ती जा रही है? उन्होंने पूछा कि बिहार के लोगों को हर साल ऐसी दयनीय परिस्थितियों में घर लौटने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ता है? उन्होंने कहा कि अगर बिहार में रोजगार और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध होता, तो लोगों को हजारों किलोमीटर की यात्रा करने की जरूरत नहीं पड़ती।

भीड़भाड़ वाले स्टेशन और ट्रेनें

कांग्रेस नेता ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक तरफ भीड़भाड़ वाले स्टेशन और ट्रेनों की तस्वीरें हैं, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के दृश्य हैं। यह वीडियो एनडीए सरकार की नीतियों की विफलता को उजागर करता है। गांधी ने कहा कि ये यात्री केवल असहाय नहीं हैं, बल्कि वे एनडीए की धोखेबाज नीतियों और इरादों का जीवंत सबूत हैं।