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अब चीन सीमा के पास भी बिछने वाला है रेलवे का जाल! पूर्वोत्तर क्षेत्र की इस बड़ी योजना को मिली मंजूरी

Written by:Rishabh Namdev
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पिछले कुछ समय में भारत ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल लाइनों का तेजी से निर्माण किया है। रिपोर्ट के अनुसार एक दशक में इस क्षेत्र में 1700 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण किया गया है। दरअसल, इसका मकसद सेना की टुकड़ियों की तैनाती के समय को कम करना है।
अब चीन सीमा के पास भी बिछने वाला है रेलवे का जाल! पूर्वोत्तर क्षेत्र की इस बड़ी योजना को मिली मंजूरी

भारत ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपने आप को लगातार मजबूत किया है। सीमावर्ती इन इलाकों में लगातार नई योजनाओं को मंजूरी मिल रही है। वहीं अब पूर्वोत्तर सीमा को और भी मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर रेल परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 500 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे चीन, बांग्लादेश, म्यांमार और भूटान से सटी दूर-दराज की सीमावर्ती जगहों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। खास बात यह रहेगी कि इनमें न सिर्फ रेल लाइन बिछाई जाएगी बल्कि पुल और सुरंगें भी शामिल होंगी।

सीमा पर इस परियोजना के लिए सरकार द्वारा 30,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि इसे 4 साल के भीतर पूरा कर लिया जाए। हाल ही में एससीओ सम्मिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी, जिससे चीन और भारत के रिश्तों में कुछ नरमी के संकेत मिले हैं। अब इसी समय यह कदम उठाया जा रहा है।

रेल परियोजना दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा

असल में पिछले कुछ समय पर नजर डाली जाए तो भारत और चीन के रिश्ते थोड़े सुधरते हुए दिखाई दिए हैं। 5 साल पहले जहां सीमा पर दोनों देशों के बीच झड़प देखने को मिली थी, वहीं अब उतार-चढ़ाव का यह दौर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और संबंध सुधार रहे हैं। ऐसे में भारत की यह रेल परियोजना दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है। चीन और भारत आर्थिक अवसरों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बदलती व्यापारिक नीतियों के कारण अब करीब आते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि भारत लगातार पूर्वोत्तर सीमा पर अपने सैन्य और बुनियादी ढांचे की क्षमता को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

नई रेल लाइनों की संभावना पर अध्ययन किया जा रहा

पिछले एक दशक पर नजर डाली जाए तो देश ने 9984 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है। इनकी कुल लागत 1.7 लाख करोड़ रुपए रही है, जबकि 5055 किलोमीटर सड़कें निर्माणाधीन हैं। वहीं रिपोर्ट के अनुसार सरकार द्वारा लद्दाख क्षेत्र में भी नई रेल लाइनों की संभावना पर अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि अभी रेल नेटवर्क कश्मीर घाटी के बारामूला तक ही पहुंचा है। इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाले दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल का उद्घाटन भी किया गया था।