भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और चार बार के विधायक रंजीत कुमार दास को गुरुवार को असम विधानसभा का नया अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। यह घटनाक्रम असम की राजनीतिक स्थिरता और भाजपा के भीतर उनके मजबूत कद को रेखांकित करता है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही, प्रोटेम स्पीकर चंद्र मोहन पटवारी ने इस महत्वपूर्ण घोषणा को किया। उन्होंने सदन को सूचित किया कि रंजीत कुमार दास के समर्थन में कुल तीन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। सबसे अहम बात यह रही कि उनके खिलाफ किसी भी अन्य विधायक ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से और निर्विरोध रूप से 16वीं असम विधानसभा का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। यह चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से लोकतांत्रिक मानदंडों के अनुरूप संपन्न हुई, और दास को सदन के सभी सदस्यों का समर्थन प्राप्त हुआ।
यह दूसरी बार है जब रंजीत कुमार दास ने असम विधानसभा के अध्यक्ष पद की अहम जिम्मेदारी संभाली है। उनका यह पुनर्नियुक्ति उनके व्यापक अनुभव, सदन के नियमों की गहरी समझ और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच स्वीकार्यता का प्रमाण है। इससे पहले, वर्ष 2016 में भी उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ था, जब भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार असम में अपनी सरकार बनाई थी। उस समय राज्य में भाजपा का सत्ता में आना एक ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि यह पहली बार था जब पार्टी ने असम में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। रंजीत कुमार दास को उस समय विधानसभा संचालन की महत्वपूर्ण कमान सौंपी गई थी, और उन्होंने उस भूमिका को सफलतापूर्वक निभाया था। उनका पिछला कार्यकाल सदन की गरिमा को बनाए रखने और विधायी प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में उनकी दक्षता को दर्शाता है।
कौन हैं रंजीत कुमार दास?
रंजीत कुमार दास असम की भवानीपुर-सोरभोग विधानसभा सीट से प्रतिनिधित्व करते हैं। वह वर्ष 2011 से लगातार चार बार विधानसभा चुनाव जीतकर सदन तक पहुंचे हैं, जो उनकी मजबूत जमीनी पकड़ और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का स्पष्ट प्रमाण है। उनकी यह लगातार जीत उनकी राजनीतिक कुशलता और निर्वाचन क्षेत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है। उन्होंने राज्य की राजनीति में न केवल सरकारी स्तर पर बल्कि पार्टी संगठन के स्तर पर भी महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिकाएं निभाई हैं, जिससे असम की राजनीतिक परिदृश्य में उनका प्रभाव और भी गहरा हुआ है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के पहले कार्यकाल (2021-2026) में रंजीत कुमार दास ने कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। इस अवधि में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और राज्य के विकास में अपना योगदान दिया। मंत्री के रूप में उनका अनुभव उन्हें विधायी और प्रशासनिक दोनों प्रक्रियाओं की गहरी समझ प्रदान करता है, जो उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के रूप में और भी प्रभावी बनाता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी पार्टी संगठन को मजबूत करने और राज्य में पार्टी की पैठ बढ़ाने का अथक कार्य किया है। उनके नेतृत्व में पार्टी ने राज्य में अपनी स्थिति और मजबूत की।
उनके दोबारा विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने को भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन में उनके लंबे अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और सर्वमान्य स्वीकार्यता का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यह निर्णय पार्टी के भीतर उनकी मजबूत स्थिति और सदन के संचालन में उनकी विशेषज्ञता पर भरोसे को भी पुष्ट करता है। रंजीत कुमार दास का अनुभव और सदन के नियमों की गहरी समझ उन्हें एक निष्पक्ष और प्रभावी अध्यक्ष के रूप में कार्य करने में सहायक होगी, जिससे असम विधानसभा की कार्यवाही सुचारु और गरिमापूर्ण तरीके से संचालित हो सकेगी। उनका निर्विरोध चुनाव यह भी दर्शाता है कि उन्हें न केवल अपनी पार्टी बल्कि विपक्षी दलों का भी सम्मान और विश्वास प्राप्त है।
ষষ্ঠদশ অসম বিধানসভাৰ অধ্যক্ষ নিৰ্বাচিত শ্ৰীযুত ৰণজিৎ কুমাৰ দাস ডাঙৰীয়ালৈ অভিনন্দন জ্ঞাপন কৰিছোঁ।
২০১১চনত প্ৰথমবাৰৰ বাবে ভাৰতীয় জনতা পাৰ্টিৰ পৰা বিধায়ক হিচাপে নিৰ্বাচিত হৈ অহা সন্মানীয় দাস ডাঙৰীয়াই ইয়াৰ পূৰ্বেও অসম বিধানসভাৰ অধ্যক্ষ হিচাপে, অসম চৰকাৰৰ কেবিনেট মন্ত্ৰী… pic.twitter.com/lWmc5DPZuV
— BJP Assam Pradesh (@BJP4Assam) May 21, 2026






