राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि जब तक मनुष्य और राष्ट्र अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेंगे, तब तक उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नागपुर में ब्रह्मा कुमारिस विश्व शांति सरोवर के सातवें स्थापना दिवस पर बोलते हुए उन्होंने यह बात कही।
मोहन भागवत ने कहा कि ब्रह्मा कुमारिस, जो एक महिला-नेतृत्व वाला आध्यात्मिक आंदोलन है, और आरएसएस दोनों ही लोगों की आंतरिक चेतना को जागृत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, “जब तक मनुष्य और देश अपने असली स्वरूप को नहीं पहचानते, समस्याएं बनी रहेंगी। यदि हम करुणा दिखाएं और डर को दूर करें, तो हमारे कोई शत्रु नहीं होंगे।”
भारतीयों को भी महान बनने का प्रयास
उन्होंने कहा कि भारत महान है और भारतीयों को भी महान बनने का प्रयास करना चाहिए। भागवत ने कहा कि भारत बड़ा है और यह और बड़ा होना चाहता है। उन्होंने बिना अमेरिका का नाम लिए कहा, “अगर दूसरों को लगता है कि भारत के बढ़ने और प्रगति करने से उनका क्या होगा, तो टैरिफ जैसे मुद्दे सामने आते हैं।”
विश्व समाधान की तलाश में
आरएसएस प्रमुख ने जोर देकर कहा कि यदि मनुष्य अपनी सोच को “मैं” से “हम” की ओर बदल दे, तो सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा, “विश्व समाधान की तलाश में है।” यह खबर एक सिंडिकेटेड फीड से प्रकाशित की गई है और इसे एनडीटीवी कर्मचारियों द्वारा संपादित नहीं किया गया है, सिवाय शीर्षक के।





