ओमान तट के पास अमेरिकी नौसेना द्वारा एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया गया है। इस हमले में 3 भारतीय नागरिकों की भी मौत हुई है। इसके बाद भारत को अमेरिका के सामने खड़ा विरोध जताते हुए देखा गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबिया से बातचीत कर इस हमले को पूरी तरह से गलत बताया है।
जयशंकर ने फोन पर अमेरिकी विदेश मंत्री से इस बारे में चर्चा की है। उन्होंने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कमर्शियल जहाजों पर इस तरह की घातक सैन्य कार्रवाई इसी भी तरह से उचित नहीं है। इस बातचीत की जानकारी जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है।
एस जयशंकर ने फोन पर जताया विरोध
सोशल मीडिया हैंडल X पर की गई एक पोस्ट में एस जयशंकर ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबिया से बातचीत की और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना हमले पर विरोध दर्ज करवाया। तीन नाविकों की मौत पर भारत की तरफ से विरोध दोहराया गया। उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों की निशाना बनाना स्वीकार नहीं है। इससे वैश्विक समुद्री सुरक्षा प्रभावित होती है।
Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026
अमेरिकी राजनयिक से भी हुई बात
इस घटना के बाद ना केवल अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत हुई बल्कि दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक जैसन मिक्स को भी दूसरी बात तलब किया गया। भारत ने इस मुद्दे को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिका के सामने सख्ती से पेश किया और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
ओमान तट के पास हुआ था हमला
बता दें कि ये पूरा मामला ओमान तट पर हुए हमले से जुड़ा हुआ है। यहां पलाऊ ध्वज वाली तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर अमेरिका नौसेना द्वारा कार्रवाई की गई थी। इसमें 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि तीन नाविकों की मौत की पुष्टि हुई थी। हमले में जान गंवाने वालों में डेथ कैडेट आदित्य शर्मा, चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया शामिल है। इस घटना के बाद लता के परिवारों और भारत सरकार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। घटना के बाद सरकार ने संबंधित सुरक्षा एजेंसी को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। भारतीय नौसेना को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने को भी कहा गया है।
अमेरिका की सफाई
इस मामले में अमेरिका सेना द्वारा सफाई भी दी गई है। सेवा में दावा किया कि जहाज को उसे समय निशाना बनाया गया जब वह ईरान से जुड़े जहाज पर लगाए गए प्रतिबंधों को लागू करने के दौरान अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था। हालांकि इस सफाई के बावजूद भारत ने घटना पर गंभीर आपत्ति जताई है और समुद्री सुरक्षा सुरक्षित करने की मांग की है।






