भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। तमिलनाडु राज्य सरकार में स्पेशल डीजीपी (DGP) के पद पर तैनात अधिकारी पर यौन शोषण (Sexual harassment) का आरोप लगने के बाद सनसनी फैल गई है। उनपर एक महिला आईपीएस (IPS) के साथ यौन उत्पीड़न (molestation) करने का आरोप है। ये मामला सामने आने के बाद विपक्षी दल ने सरकार पर हमला बोल दिया था और सरकार ने अपनी नाक बचाने के लिए डीजीपी को उनके पद से हटा भी दिया, लेकिन मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में महिला अधिकारी द्वारा दिए गए बयान से वो घटना सामने आई है, जिस दौरान अधिकारी को कार से उतरकर भागना पड़ा था।
बता दें कि एक महिला आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया था डीजीपी ने उनके साथ कार में यौन उत्पीड़न किया था। अपनी शिकायत में महिला अधिकारी ने कहा कि डीजीपी ने पहले उनका हाथ पकड़ने की कोशिश की, हाथ पर किस किया और अपने मोबाइल पर गाना बजा दिया। महिला अधिकारी के मुताबिक आरोपी अधिकारी ने ड्रायवर के सहा कि रियर व्यू वाला मिरर नीचे कर दे। इस दौरान महिला अधिकारी ने अपना हाथ पीछे खींचा लेकिन आरोपी ने फिर हाथ पकड़कर चूम लिया। आखिरकार उन्हें कार से उतरकर भागना पड़ा। पीड़ित अधिकारी ने कहा कि बाद में मामला सामने आने पर उक्त अधिकारी सहित अन्य अधिकारी ने भी उन्हें इसकी शिकायत करने से रोका था। इतना ही नहीं, उन्हें इस मामले में धमकी भी दी गई लेकिन उन्होने गृह सचिव से मामले की शिकायत कर दी। महिला का आरोप है कि इस मामले में उनके रिश्तेदारों को भी परेशान किया गया और उनके माध्यम से समझौते के लिये दबाव बनाया गया।
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इस शिकायत में बताया गया है कि सीएम के एक कार्यक्रम के दौरान महिला आईपीएस अधिकारी बंदोबस्त ड्यूटी पर थीं। जब कार्यक्रम समाप्त हुआ तो वरिष्ठ अधिकारी ने महिला अधिकारी से कहा कि अगले कार्यक्रम स्थल तक वे उनकी कार से चलें और इसी दौरान महिला अधिकारी उनकी कार में बैठी थीं। अब इस मामले में अब मद्रास हाईकोर्ट ने घटना को स्वत: संज्ञान में लिया है और केस सीबी-सीआईडी को सौंप दिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद जांच टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है और घटनास्थल पर मौजूद लोगो के बयान लिये जा रहे हैं।






