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“अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं भी बागी हूं..” TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने तोड़ी चुप्पी, पार्टी छोड़ने की अटकलों पर दिया बड़ा बयान

Written by:Banshika Sharma
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तृणमूल सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी से अलग होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने मुसीबत में साथ दिया था, मैं उनका साथ नहीं छोड़ूंगा।

राजनीतिक गलियारों में पिछले कई दिनों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर तरह-तरह की अटकलें और अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। इन चर्चाओं पर अब खुद ‘बिहारी बाबू’ के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा ने पूर्णविराम लगा दिया है। उन्होंने गुरुवार को स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया कि ममता बनर्जी ने उनके मुश्किल समय में साथ दिया था, इसलिए वह आज उनके साथ को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेंगे।

“मैं इस बात को पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूं कि पिछले कुछ दिनों से मेरे बारे में कई तरह की बातें कही जा रही थीं,” सिन्हा ने बताया। “कुछ लोग तो सच बोल रहे थे, लेकिन वहीं कुछ लोग सिर्फ निराधार अफवाहें फैलाने में लगे हुए थे। कुछ लोगों ने तो यहां तक दावा कर दिया था कि मैं तथाकथित बागी गुट में शामिल हो गया हूं और तृणमूल कांग्रेस से अलग होने जा रहा हूं।”

मैं ममता जी का साथ नहीं छोड़ूंगा: शत्रुघ्न सिन्हा

“हां, यह सच है कि स्वभाव से मैं हमेशा से बेबाक रहा हूं और अपनी बात खुलकर रखता हूं,” शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी बात आगे बढ़ाई। “मैं अक्सर कहता हूं कि अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं भी बागी हूं। लेकिन आज मैं यह साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि जब मैं अपने राजनीतिक जीवन के मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब ममता जी मेरे साथ एक चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी थीं। और अब, जब उनके लिए मुश्किल समय है, मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकता। मेरा यह अटल फैसला है कि मैं ममता जी का साथ नहीं छोड़ूंगा।”

शत्रुघ्न सिन्हा ने आसनसोल और बंगाल की जनता का जताया आभार

शत्रुघ्न सिन्हा ने इस अवसर पर आसनसोल और पश्चिम बंगाल की जनता का भी हृदय से आभार व्यक्त किया। “मैं आसनसोल और पश्चिम बंगाल के उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं,” उन्होंने कहा, “जिन्होंने मुझे इतना असीम प्यार, सम्मान और समर्थन दिया। उन्होंने बार-बार मेरी जीत सुनिश्चित की और मुझे अपना प्रतिनिधि चुना। यह दीदी (ममता बनर्जी) का ही बुलावा और उनका ही आग्रह था कि मैं पहली बार आसनसोल आया था और चुनावी मैदान में उतरा।”

सिन्हा ने अपनी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा, “अपने पहले ही चुनाव में, मैंने रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी, जो एक ऐतिहासिक जीत थी। बाद में, मुझे दूसरी बार भी बड़े अंतर से जीत मिली, जिससे मेरा जनता के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। इसलिए, मैं विशेष रूप से ममता जी, तृणमूल कांग्रेस और इन सबसे बढ़कर आसनसोल और पश्चिम बंगाल की जनता का हृदय से धन्यवाद करना चाहता हूं।”

शत्रुघ्न सिन्हा ने दोहराई अपनी जिम्मेदारियां

उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को दोहराते हुए कहा, “मैं यह भी साफ करना चाहता हूं कि मैंने बंगाल में हमेशा सभी वर्गों के लिए काम किया है, चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े हों या उन्होंने मुझे वोट दिया हो या नहीं। मैं अपनी जिम्मेदारियों को भली-भांति समझता हूं और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ पूरा करता रहूंगा। मेरी प्रतिबद्धता सभी के प्रति है।”

सिन्हा ने ममता बनर्जी की दूरदर्शिता और समर्थन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह उन चुनिंदा लोगों में से थीं जिन्होंने उनका साथ दिया और उनका हौसला बढ़ाया। “ममता जी का यह दृढ़ विश्वास था कि मुझे अपनी संसदीय यात्रा में बिना किसी रुकावट के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहना चाहिए और जनसेवा करते रहनी चाहिए,” उन्होंने जोर दिया। “उन्हीं के कहने पर मैंने आसनसोल से चुनाव लड़ने का फैसला किया। भगवान की कृपा, ममता जी के आशीर्वाद और आसनसोल की जनता के अभूतपूर्व समर्थन से ही मुझे यह महत्वपूर्ण जीत हासिल हुई।”

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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