Hindi News

सुप्रीम कोर्ट ने प्याज-लहसुन को लेकर दायर याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता को लगाई फटकार, कहा- क्या आधी रात को ड्राफ्ट करते हैं ऐसी PIL

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
अदालत ने याचिका को तुच्छ और अस्पष्ट बताते हुए याचिकाकर्ता वकील को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही टिप्पणी की कि ऐसी याचिकाएं न्यायालय का समय बर्बाद करती हैं चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी फालतू याचिकाओं पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्याज-लहसुन को लेकर दायर याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता को लगाई फटकार, कहा- क्या आधी रात को ड्राफ्ट करते हैं ऐसी PIL

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक याचिका को खारिज कर दिया जिसमें प्याज और लहसुन में कथित ‘तामसिक’ या नकारात्मक तत्वों पर वैज्ञानिक शोध कराने और एक कमेटी गठित करने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता वकील को फटकार लगाई और याचिका को तुच्छ, अस्पष्ट तथा खराब ढंग से ड्राफ्ट की गई बताते हुए इसे खारिज कर दिया।

याचिका में अदालत से यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि एक विशेषज्ञ समिति गठित कर यह शोध कराया जाए कि प्याज और लहसुन में कोई “तामसिक” या नकारात्मक तत्व मौजूद हैं या नहीं। याचिकाकर्ता का तर्क था कि जैन धर्म के अनुयायी पारंपरिक रूप से प्याज, लहसुन और जड़ वाली सब्जियों को तामसिक भोजन मानते हुए इनसे परहेज करते हैं।

SC ने खारिज की प्याज और लहसुन को लेकर दायर याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्याज और लहसुन को लेकर दायर एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता वकील को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने याचिका की प्रकृति और उसकी ड्राफ्टिंग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की अस्पष्ट और तुच्छ याचिकाएं न्यायालय का समय बर्बाद करती हैं।

याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए सवाल किया कि “क्या आप आधी रात को ये याचिकाएं ड्राफ्ट करते हैं”। उन्होंने आगे कहा कि यह “नॉन-एप्लिकेशन ऑफ माइंड” का उदाहरण है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर याचिकाकर्ता वकील नहीं होते तो भारी जुर्माना लगाया जा सकता था। साथ ही भविष्य में ऐसी फालतू याचिकाओं पर असाधारण जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसी याचिकाएं अदालत के बहुमूल्य समय की बर्बादी करती हैं।

याचिका में की गई थी ये मांग 

याचिका में दावा किया गया था कि जैन समुदाय प्याज, लहसुन और जड़ वाली सब्जियों को तामसिक भोजन मानकर परहेज करता है। याचिकाकर्ता ने अदालत को कहा कि यह मुद्दा आम है और हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट में एक तलाक के मामले में प्याज के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ था। इस पर अदालत ने कड़ा सवाल उठाया कि “आप जैन समुदाय की भावनाओं को ठेस क्यों पहुंचाना चाहते हैं”।

साथ ही, उसी वकील की तीन अन्य पीआईए भी खारिज कर दी गई जिनमें  शराब और तंबाकू उत्पादों में हानिकारक सामग्री नियंत्रित करने के निर्देश की मांग, संपत्तियों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने की मांग और शास्त्रीय भाषाओं की घोषणा के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं को अस्पष्ट और तुच्छ बताते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews