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तमिलनाडु में बड़ा सियासी उलटफेर, कोलाथुर सीट से चुनाव हारे मुख्यमंत्री स्टालिन, TVK ने दी शिकस्त

Written by:Gaurav Sharma
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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए, वहीं अभिनेता विजय की TVK ने शानदार प्रदर्शन किया।
तमिलनाडु में बड़ा सियासी उलटफेर, कोलाथुर सीट से चुनाव हारे मुख्यमंत्री स्टालिन, TVK ने दी शिकस्त

तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार का दिन एक बड़े सियासी उलटफेर के साथ दर्ज हो गया, जहां विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) प्रमुख एमके स्टालिन को अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस अप्रत्याशित परिणाम ने पूरे राज्य को चौंका दिया, वहीं अभिनेता-नेता विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने अपने पहले ही चुनाव में धमाकेदार प्रदर्शन कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

मुख्यमंत्री स्टालिन को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के उम्मीदवार वीएस बाबू ने शिकस्त दी। वीएस बाबू ने कोलाथुर सीट से 64 हजार से अधिक वोट हासिल किए, जबकि स्टालिन लगभग साढ़े सात हजार वोटों के अंतर से पीछे रह गए। यह हार डीएमके के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, खासकर तब जब पार्टी राज्य में सरकार बनाने की दौड़ में शामिल है। एक निवर्तमान मुख्यमंत्री का चुनाव हारना तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जो मतदाताओं के बदले हुए मिजाज और राजनीतिक समीकरणों में आए बदलाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

मजबूत स्थिति में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम

मतगणना जारी रहने के बीच, अभिनेता-नेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। निर्वाचन आयोग द्वारा दोपहर 4 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, टीवीके के उम्मीदवार 111 विधानसभा सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि 70 अन्य सीटों पर डीएमके दूसरे पायदान पर हैं। यह एक नई पार्टी के लिए बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन है, जिसने राज्य की दो प्रमुख पार्टियों, डीएमके और अन्नाद्रमुक के दशकों पुराने वर्चस्व को चुनौती दी है। टीवीके के कई उम्मीदवार बेहद कम अंतर से पीछे चल रहे हैं, जो पार्टी के मजबूत आधार को उजागर करता है।

आयोग के अनुसार, छह विधानसभा क्षेत्रों में टीवीके उम्मीदवार 1,000 से भी कम वोटों के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से पीछे हैं। इनमें कुंभकोणम से पार्टी उम्मीदवार विनोद अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से महज 86 वोटों के अंतर से पीछे हैं, जबकि शोलावंदन से करुप्पैया एमवी 100 वोटों और विक्रवंडी से विजय वदिवेल 102 वोटों के मामूली अंतर से पिछड़ रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि अगर थोड़ी और मेहनत की जाती तो टीवीके की सीटों की संख्या और भी बढ़ सकती थी, जो भविष्य में तमिलनाडु की राजनीति को एक नया आयाम दे सकती है।

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कुल 234 सीटों में से 118 सीटों पर जीत हासिल करना अनिवार्य है। इन परिणामों से स्पष्ट है कि इस बार त्रिशंकु विधानसभा की संभावना भी प्रबल हो सकती है, या फिर किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। वहीं, एडापड्डी विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री और तमिलनाडु विधान सभा में विपक्ष के नेता ई पलानीस्वामी ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। 25 में से 20 राउंड की मतगणना पूरी होने तक, अन्नाद्रमुक उम्मीदवार पलानीस्वामी अपने निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दलीय उम्मीदवार प्रेमकुमार के. से 78058 मतों के भारी अंतर से आगे चल रहे थे, जो उनकी लोकप्रियता और क्षेत्र में उनके प्रभाव को दर्शाता है। गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ था और इन सीटों के लिए मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई थी, जिसने राज्य की चुनावी तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है।

Gaurav Sharma
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