तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा, यहाँ चुनाव आयोग एक ही चरण में चुनाव करवा रहा है, आज चुनाव के लिए प्रचार थम गया, अंतिम दिन प्रत्याशियों के समर्थन में पार्टियों के बड़े नेताओं ने रोड शो किये सभाएं की, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी तमिलनाडु पहुंचे और पार्टी प्रत्याशियों के लिए समर्थन जुटाया।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राशिपुरम विधानसभा और कोयंबटूर उत्तर की अविनाशी विधानसभा में रोड शो किये, मुख्यमंत्री के रोड शो में भारी भीड़ दिखाई दी, भाषाई विविधता के बावजूद लोग सीएम डॉ मोहन यादव का अभिनन्दन करते दिखाई दिए, ऐसा लग रहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तमिलनाडु में भी बहुत लोकप्रिय हैं, मुख्यमंत्री ने भी लोगों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिवादन किया।
सीएम ने प्रचार रथ से ही मतदाताओं को संबोधित किया, उन्होंने कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी पर हमला किया, प्रचार रथ पर मुख्यमंत्री की भावों को जनता तक पहुँचाने के लिए अनुवादक यानि ट्रांसलेटर भी मौजूद थे जो वहीं भाषण ट्रांसलेट कर रहे थे , जिसका लोगों ने तालियाँ बजाकर स्वागत किया।
परिवर्तन के लिए तैयार है तमिलनाडु : डॉ मोहन यादव
डॉ मोहन यादव ने कहा इस बार तमिलनाडु परिवर्तन के लिए तैयार है यहाँ इस बार NDA सरकार आ रही है उन्होंने र्ताशिपुरम विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी डॉ प्रेम कुमार की तारीफ करते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से इस सीट के हर बूथ पर विकास और सुशासन का कमल खिलकर रहेगा।
कांग्रेस, DMK,TMC को डर महिलाओं को ताकत न मिल जाये
डॉ मोहन यादव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी सहित उनके सहयोगी दलों को यह डर है कि दूसरी ‘जयललिता’ खड़ी न हो जाए। माताओं और बहनों को ताकत न मिल जाए। इसलिए सभी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विरोध किया। इन लोगों ने महिलाओं का अपमान किया है भविष्य की “अम्मा” को भी राजनीति में लाने के रस्ते बंद करने का काम किया अब इनका हिसाब करना पड़ेगा।
परिवारवादी सोच को लेकर विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने अविनाशी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. एल. मुरुगन के समर्थन में रोड शो कर जनता-जनार्दन से उनकी विजय के लिए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कहा जन-जन का उत्साह साफ संकेत दे रहा है कि तमिलनाडु में NDA की ऐतिहासिक जीत होने वाली है। सीएम ने कहा गरीब से गरीब, सामान्य से सामान्य आदमी मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बने, यह NDA की सोच है। लेकिन कांग्रेस और डीएमके में तो अपने परिवार के अंदर ही सबकुछ रखने की होड़ है।







