ममता बनर्जी को मिलने वाले झटके कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह देखने को मिल रही है। अब आ रही खबरों के मुताबिक बंगाल टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष और ममता बनर्जी की करीबी चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सारे पदों से इस्तीफा दे दिया है।
चंद्रिमा ने एक पत्र लिखकर अपने इस्तीफे के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने न केवल प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ा है बल्कि पार्टी और उससे जुड़े सभी दायित्वों से भी खुद को अलग कर लिया है। इससे ये साफ हो गया है कि वह पार्टी का साथ छोड़ रही हैं।
चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने इस्तीफे में साफ तौर पर लिखा है कि वह 3 जून 2026 को कालीघाट में हुई बैठक में उन्हें सौंपे गए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में वर्तमान में दिए गए सभी पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा की है।
West Bengal | Chandrima Bhattacharya, who was supporting Mamata Banerjee, resigns from all posts of the party. pic.twitter.com/gHbVVmdLBm
— ANI (@ANI) July 4, 2026
बैंक के हस्ताक्षरकर्ता की जिम्मेदारी छोड़ी
चंद्रिमा ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और उससे जुड़े अन्य संगठनों के अलग-अलग बैंकों में संचालक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है के रूप में अपनी जिम्मेदारी वापस ले ली है। इसके अलावा उन्होंने ममता बनर्जी की ओर से भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में काम करने से भी मना कर दिया है। उन्होंने इस बारे में अपनी सहमति वापस लेने की बात कही है।
सामने नहीं आई वजह
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पत्र में इस्तीफे के कारण का जिक्र नहीं किया है। उनके इस तरह से अचानक सभी पदों को छोड़ने के फैसले से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। तृणमूल कांग्रेस की तरफ से इस्तीफे के संबंध में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






