त्रिपुरा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी है। दशहरे से पहले राज्य की माणिक साहा सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके अलावा कर्मचारियों के मकान किराया भत्ते यानि HRA में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके दी है।
वर्तमान में अप्रैल 2026 से राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 41% महंगाई भत्ते और राहत का लाभ मिल रहा है, इस वृद्धि के बाद डीए/डीआर 41 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत हो जाएगा। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी, ऐसे में नवंबर से सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस निर्णय से राज्य सरकार के वार्षिक व्यय में लगभग 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पडेगा।
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राज्य सरकार ने नियमित सरकारी कर्मचारियों के लिए मकान किराया भत्ते को भी 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही इसकी अधिकतम सीमा भी 3000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह तय की गई है। यह बदलाव भी 1 अक्टूबर से लागू होगा। DA और HRA में बदलाव से कर्मचारियों की कुल मासिक आय में अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में अतिरिक्त 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। राज्य के सरकारी कर्मचारियों का मकान किराया भत्ता (HRA) मूल वेतन (Basic Pay) के 8% से बढ़ाकर 10% कर दिया गया है। साथ ही, मकान किराया भत्ते की अधिकतम सीमा ₹3,000/- से बढ़ाकर ₹10,000/- कर दी गई है।
गौरतलब है कि मई 2026 में त्रिपुरा सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अप्रैल 2026 से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 5 प्रतिशत की वृद्धि की थी, जिसके बाद महंगाई भत्ते और राहत की दर 37 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई थी। इससे 1,02,563 कर्मचारी और 81,019 पेंशनभोगी लाभान्वित हुए थे। अब एक बार फिर अक्टूबर 2026 से महंगाई भत्ते और राहत की दरों में संशोधन किया गया है। हलांकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में अब भी राज्य कर्मचारियों का डीए 16 प्रतिशत कम है। चुंकी वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए का लाभ मिल रहा है और जल्द ही जुलाई 2026 की नई दरों का भी ऐलान होने वाला है, ऐसे में इसके 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुंचने की चर्चा है।