पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West Bengal Election) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने सुब्रत बख्शी की मौजूदगी में शनिवार को एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया। चुनावी रणनीतियों और विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। अभिषेक बनर्जी ने सांसदों और विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में “इलेक्शन फॉर वॉर रूम” को एक्टिव करने का निर्देश दिया है।
टीएमसी राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने 27 जनवरी से पार्टी नेतृत्व को नियमित तौर पर अपडेट भेजने का निर्देश भी दिया है। इलेक्शन वॉर रूम चुनावी रणनीति तैयार करेगा। वोटर लिस्ट, बूथ मैनेजमेंट और विपक्ष दलों की गतिविधियों की निगरानी भी करेगा। अभिषेक बनर्जी ने सभी टीएमसी नेता और पार्टी कार्यकर्ताओं को कार्रवाई करने को कहा।
बीजेपी पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी को बंगाल विरोधी बताया। और कहा कि, “उन्हें हराने के लिए हमारा एकजुट रहना बहुत जरूरी है। इसलिए लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। हर वोटर के अधिकार की रक्षा करनी होगी। इस लड़ाई सड़कों, बूथों और लोगों के दिल तक ले जाना होगा। यह लोकतंत्र और बंगाल की आत्मा की लड़ाई है।” इसके अलावा उन्होंने चुनाव में जीतने के लिए आधे -अधूरे उपायों को खत्म करने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की सलाह भी सलाह दी।
In a virtual conference, Shri @abhishekaitc, in the presence of Shri Subrata Bakshi, delivered a thunderous call to action to leaders and party workers at every level, making it clear that this is not a moment for complacency, it is a moment for combat.
We must unite to defeat… pic.twitter.com/KzNGj2RK2a
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) January 24, 2026
एसआईआर को लेकर टीएमसी का बड़ा कदम
नेताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भाजपा और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को पर भी बड़ा बयान दिया। लॉजिकल गड़बड़ियों के जरिए वोटर के नाम हटाने की कथित कोशिश से बचाने के लिए “बूथ रक्षा समिति” गठित करने का निर्देश भी दिया। तार्किक विसंगतियों के जरिए वोटरों को वोट देने से रोकने की कोशिश के खिलाफ जल्द ही चुनाव आयोग के पास जाने का ऐलान भी किया।
टीएमसी नेता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग पर “लॉजीकल विसंगतियों” की सूची प्रकाशित करने में विफल होने का आरोप लगाया। जिसे 24 जनवरी को सभी ग्राम पंचायत और नगर निगम में प्रकाशित करने का आदेश दिया गया था।
Despite a clear order from the SC and its own formal communication, the @ECISVEEP has failed to release and publish the list of LOGICAL DISCREPANCIES that it was mandated to publish by the 24th January- today in all Gram Panchayats and municipal wards.
The same software that… pic.twitter.com/QuEzPyH5NB
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) January 24, 2026





