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पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले होटलों में आउटसाइडर्स की एंट्री बैन, तटीय इलाकों में बाहरी पर्यटकों पर रोक

Written by:Shruty Kushwaha
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तटीय पर्यटन क्षेत्रों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए बाहरी सैलानियों के होटलों में ठहरने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह सख्ती दीघा, शंकरपुर, ताजपुर और मंदरमणि जैसे क्षेत्रों में लागू की गई है, जो रामनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और बाहरी तत्वों की संभावित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लिया गया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले होटलों में आउटसाइडर्स की एंट्री बैन, तटीय इलाकों में बाहरी पर्यटकों पर रोक

सांकेतिक तस्वीर

पश्चिम बंगाल में मतदान से ठीक पहले प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी गई है। नौ दिनों के ‘ड्राई डे’ के बाद अब होटल बुकिंग को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में यह तय किया गया है कि मतदान खत्म होने तक स्थानीय विधानसभा क्षेत्र के बाहर के लोगों को होटलों में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासन के अनुसार यह कदम चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और बाहरी तत्वों की संभावित गतिविधियों पर निगरानी के उद्देश्य से उठाया गया है। चुनाव के दौरान अक्सर “आउटसाइडर” यानी दूसरे क्षेत्रों से आए लोगों की मौजूदगी को लेकर शिकायतें मिलती हैं, जिन पर अंकुश लगाने के लिए यह सख्ती की गई है।

बाहरी लोगों के होटल में ठहरने पर पाबंदी

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले प्रशासन ने तटीय पर्यटन क्षेत्रों में सख्ती बढ़ाते हुए बाहरी पर्यटकों के होटल में ठहरने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह आदेश दीघा, शंकरपुर, ताजपुर और मंदरमणि जैसे प्रमुख समुद्री इलाकों में मंगलवार शाम 6 बजे से लागू किया गया, जो मतदान समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।

जिला प्रशासन के अनुसार यह निर्णय चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और बाहरी तत्वों की संभावित गतिविधियों पर निगरानी के उद्देश्य से लिया गया है। पूर्व मेदिनीपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर निरंजन कुमार ने बताया कि ये सभी पर्यटन स्थल रामनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, इसलिए इस क्षेत्र के निवासियों को छोड़कर अन्य किसी को होटल में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पुलिस प्रशासन कर रहा है निगरानी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के तहत जिले के सभी होटल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय विधानसभा क्षेत्र के बाहर के किसी व्यक्ति को कमरा न दें। आदेश के पालन के लिए पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। मंगलवार को इस निर्देश की जानकारी होटल एसोसिएशनों को देने के साथ ही सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भी दी गई।

पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक अंग्शुमान साहा ने कहा कि पुलिस होटलों की जांच करेगी और यदि किसी होटल में बाहरी व्यक्ति पाया गया तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है। उधर, इस फैसले से होटल और पर्यटन उद्योग में चिंता बढ़ गई है। होटलियर्स एसोसिएशन ने कहा कि अचानक लागू इस प्रतिबंध से पर्यटकों को असुविधा हो रही है और बुकिंग रद्द होने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सभी होटल चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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