पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के उपरांत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने सलाहकार की नियुक्ति की है। राज्य सरकार द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है। डॉ. सुब्रत गुप्ता इससे पूर्व पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मुख्य केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनकी यह नियुक्ति राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद हुई है, जहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता मिली है और अब तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विपक्ष की भूमिका में आ गई है। डॉ. गुप्ता मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और उन्होंने अपने 35 वर्षों के सेवाकाल में 27 विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है, जिससे उन्हें राज्य के प्रशासनिक ढांचे और जन-जीवन की गहरी समझ है।
बंगाल SIR के विशेष ऑब्जर्वर रहे डॉ. सुब्रत गुप्ता
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान डॉ. सुब्रत गुप्ता ने एक बड़ी जिम्मेदारी संभाली थी। केंद्रीय चुनाव आयोग ने उन्हें नवंबर 2025 में पश्चिम बंगाल के लिए ‘विशेष रोल पर्यवेक्षक’ नियुक्त किया था। इस भूमिका में उन्हें 2026 के विधानसभा चुनावों से पूर्व मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) की देखरेख का कार्य सौंपा गया था। वे 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में वामदलों और उसके बाद टीएमसी की सरकारों के दौरान महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक संभाली हैं। उनकी इस पृष्ठभूमि और राज्य की गहरी समझ को देखते हुए यह नियुक्ति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डॉ. सुब्रत गुप्ता की मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि
डॉ. सुब्रत गुप्ता की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एम टेक और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में बीई की डिग्रियां भी हासिल की हैं। अपने सेवाकाल के दौरान, डॉ. गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में लंबी पारी खेली है। वे कोलकाता में देश के पहले भूमिगत जल मेट्रो परियोजना (Underground Water Metro Project) के पर्यवेक्षण का कार्य भी कर चुके हैं, जब वे कोलकाता मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (KMRCL) के प्रबंध निदेशक (MD) के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा, उन्होंने बर्धमान और जलपाईगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पांच मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण कर अपनी नई मंत्रिपरिषद का गठन किया है। डॉ. गुप्ता का व्यापक अनुभव और राज्य की गहरी समझ उन्हें इस नई भूमिका के लिए उपयुक्त बनाती है, जिससे मुख्यमंत्री के प्रशासनिक कार्यों में उन्हें महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।






