उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को मतदान होने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार को अंतिम रूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं। इसके अलावा, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का नाम भी चर्चा में है। आरएसएस के विचारक शेषाद्री चारी और वर्तमान राज्यसभा उपसभापति हरिवंश भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं।
जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफे के बाद यह चुनाव जरूरी हो गया है। सूत्रों का कहना है कि धनखड़ और केंद्र सरकार के बीच विश्वास में कमी के कारण यह फैसला लिया गया। खासतौर पर जस्टिस यशवंत वर्मा के महाभियोग पर सरकार के रुख से असहमति उनके इस्तीफे का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। बीजेपी इस बार सतर्कता बरत रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
उम्मीदवार चुनने की जिम्मेदारी
बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को उम्मीदवार चुनने की जिम्मेदारी सौंपी है। अगले हफ्ते एनडीए की एक बड़ी बैठक होने वाली है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता और सहयोगी शामिल होंगे। मंगलवार को संसद सत्र के दूसरे चरण के शुरू होने पर संसद भवन में एनडीए सांसदों की बैठक होगी जिसमें पीएम मोदी सांसदों को संबोधित कर सकते हैं।
कौन करता है मतदान
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिसमें राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी वोट डाल सकते हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, उपराष्ट्रपति को भारत का नागरिक होना चाहिए। 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और राज्यसभा सदस्य के लिए योग्य हो। मध्यावधि चुनाव में चुने गए उम्मीदवार को पूरे पांच साल का कार्यकाल मिलेगा।






