राजधानी दिल्ली में महिला उद्यमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अब महिला स्टार्टअप्स और स्वयं सहायता समूहों को बिना किसी गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। दिल्ली सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए शहर के प्रमुख मॉल और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में विशेष मंच भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यह व्यवस्था महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के लिए एक विस्तृत प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने एक बयान में स्पष्ट किया कि राजधानी की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें उद्यमी के तौर पर विकसित करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार व्यापक स्तर पर काम कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया गया है, जिसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला स्टार्टअप्स के लिए 10 करोड़ रुपये तक के बिना किसी गारंटी वाले ऋण की व्यवस्था की गई है। इस पहल से महिलाओं को वित्तीय बाधाओं के बिना अपने व्यवसाय को शुरू करने या उसका विस्तार करने में मदद मिलेगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
महिला उद्यमियों के लोन पर दिल्ली सरकार देगी गारंटी
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ऐसे ऋणों के लिए दिल्ली सरकार स्वयं गारंटी प्रदान करेगी। इससे महिला उद्यमियों को बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से आसानी से कर्ज मिल सकेगा, क्योंकि गारंटी की चिंता सरकार स्वयं वहन करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को रोहिणी में आयोजित दो दिवसीय ‘मेगा स्वयं सहायता समूह (SHG) मेला-2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण बातें कहीं। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार बढ़ावा दिए जा रहे ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ की अवधारणाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन अवधारणाओं से प्रेरणा लेकर ही दिल्ली में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।
सीएम ने आगे कहा कि स्वयं सहायता समूह मेला महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने और उन्हें एक व्यापक बाजार से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस मेले में कुल मिलाकर लगभग 24 स्वयं सहायता समूहों ने हिस्सा लिया। इन समूहों द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की गई। मेले में हस्तशिल्प की अनूठी वस्तुएं, क्रोशिया कार्य से बने आकर्षक उत्पाद, खादी के वस्त्र और अन्य सामग्री, विभिन्न प्रकार के घरेलू उत्पाद, स्वादिष्ट खाद्य सामग्री और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। यह मेला महिलाओं को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर प्रदान करता है, साथ ही उपभोक्ताओं को भी स्थानीय और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों तक पहुंच प्रदान करता है।
Women-led growth and Nation First go hand in hand. 🇮🇳
At the SHG Mela, the message was clear:
🔹 Use petrol & diesel wisely
🔹 Choose swadeshi over foreign brands
🔹 Prioritise work from home, wherever possible
🔹 Take the metro on Mondays
🔹 Dedicate one day a week to… pic.twitter.com/jaHXdn1nnh
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 17, 2026






