गुरुवार रात यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) पर उस वक़्त अफरातफरी मच गई जब लुधियाना से आगरा जा रही एक बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस में करीब 50 यात्री सवार थे और सभी के लिए ये पल किसी डरावने सपने जैसा था। बताया जा रहा है कि बस की छत पर रखे सामान में आग भड़क उठी, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, चालक की समझदारी और तुरंत की गई कार्रवाई में दर्जनों जानें बचा ली। जैसे ही उसे छत से धुआँ उठता नज़र आया उसने तुरंत बस को एक्सप्रेसवे पर रोक दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बस में सवार यात्रियों ने बताया कि सब कुछ एकदम नॉर्मल चल रहा था तभी अचानक छत की तरफ़ से आग की लपटें दिखाई दी और जलने की बदबू भी आने लगी। यात्री हड़बड़ी में दरवाज़े की तरफ़ दौड़ने लगे लेकिन चालक ने बहुत ही साहस और संयम दिखाते हुए सभी यात्रियों की जान बचा ली, बस को रोका और एक एक कर सभी को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि अगर चालक अपनी समझदारी ना दिखाता और अपने कार्य में थोड़ा लेट हो जाता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
आग का कारण स्पष्ट नहीं हुआ
जैसे ही दनकौर पुलिस को सूचना मिली, कोतवाली और दमकल विभाग की टीम मौक़े पर पहुंची। बड़ी मुश्किल से आग पर क़ाबू पाया गया। दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनीन्द्र सिंह ने बताया कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। बस की छत पर रखा सामान जल गया है सभी यात्री सुरक्षित हैं, हालाँकि आग किस वजह से लगी यह कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
इस तरह की घटनाएं हमें बताती है कि एक छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। आपको बता दें, यमुना एक्सप्रेसवे व्यस्त और तेज़ रफ़्तार मार्गों में से एक है, आए दिन हम भी कहीं न कहीं एक्सप्रेसवे पर हो रही दुर्घटनाओं और हादसों की ख़बर सुनते रहते हैं, पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेसवे पर दर्जनों बस, कार और ट्रक हादसे का शिकार हो चुकी है जिसमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ज़्यादातर इस तरह की दुर्घटनाएँ रात के समय होती है, जिनका कारण ओवरस्पीडिंग, थकान, और असुरक्षित लोडिंग रहा है।






