दिल्ली में आयोजित ओबीसी भागीदारी न्याय सम्मेलन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया। राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी कोई हौव्वा नहीं हैं, बल्कि मीडिया ने उन्हें बस बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया है। राहुल ने कहा, “मैं उनसे मिल चुका हूं, उनके साथ कमरे में बैठा हूं। वो सिर्फ एक शो हैं, उनके पास असली ताकत नहीं है।” उन्होंने यह बयान तब दिया जब कार्यक्रम में मौजूद एक शख्स ने पूछा कि देश की राजनीति में सबसे बड़ी समस्या क्या है, और जवाब में प्रधानमंत्री का नाम लिया।
OBC की भागीदारी पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर यह भी आरोप लगाया कि वो बार-बार ‘हिंदू इंडिया’ की बात करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत के 50% हिंदू ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय से आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भारत ‘हिंदू इंडिया’ है, तो फिर मीडिया और कॉर्पोरेट सेक्टर में ओबीसी की मौजूदगी क्यों नहीं है? राहुल ने पूछा, “बड़े-बड़े टीवी एंकरों की सूची में कितने ओबीसी हैं? मीडिया और सिस्टम में ओबीसी क्यों नहीं दिखते?” उन्होंने कहा कि यह एक गहरी साजिश है, जिसमें ओबीसी को पीछे धकेला जा रहा है।
ये भी पढ़ें
कांग्रेस की रणनीति: हर राज्य में होगी जातिगत जनगणना
राहुल गांधी ने ऐलान किया कि कांग्रेस जहां-जहां सत्ता में आएगी, वहां जातिगत जनगणना जरूर कराई जाएगी। उनका कहना है कि इससे यह साफ होगा कि ओबीसी, दलित और आदिवासी समाज की असली हिस्सेदारी कितनी है। उन्होंने कहा, “अगर हमें पता ही नहीं कि देश में कौन कितने लोग हैं, तो हम न्याय कैसे करेंगे?” राहुल का कहना है कि जनगणना के जरिए समाज में बराबरी और भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी।
राहुल गांधी का संकल्प: OBC को मिलेगा सम्मान
राहुल गांधी ने सम्मेलन में उपस्थित लोगों से कहा कि वे जातिगत जनगणना को एक मिशन की तरह देख रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रियंका से पूछिएगा, जब मैं किसी काम को करने का मन बना लेता हूं तो पीछे नहीं हटता। यह मेरा पहला कदम है। मेरा मकसद है कि ओबीसी समाज को देश में सम्मान और सही भागीदारी मिले।”
उन्होंने इस सम्मेलन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस पार्टी अब सामाजिक न्याय और भागीदारी के एजेंडे को लेकर पूरी तरह गंभीर है।