वृंदावन की सुबह उस समय खास बन गई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सादगी भरे अंदाज में प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचीं। आम दिनों की तरह शांत रहने वाला यह क्षेत्र अचानक सुरक्षा और श्रद्धा के माहौल से भर गया। राष्ट्रपति की यह यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं थी, बल्कि इसमें आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता की गहराई भी साफ दिखाई दी।
सुबह करीब 7:30 बजे जब राष्ट्रपति मुर्मू श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचीं, तो हर किसी की नजर उनकी सादगी और सहज व्यवहार पर टिक गई। इस दौरान प्रेमानंद महाराज से उनकी मुलाकात और बातचीत ने पूरे ब्रज क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया।
वृंदावन दौरे में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वृंदावन दौरे का सबसे खास पल प्रेमानंद महाराज से उनकी मुलाकात रही। आश्रम में पहुंचकर उन्होंने पहले दर्शन किए और फिर संत से बातचीत की। इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने उन्हें ब्रज की महिमा, सेवा भाव और भक्ति के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसमें आध्यात्मिक जुड़ाव भी नजर आया। राष्ट्रपति मुर्मू पूरे समय बेहद शांत और श्रद्धा भाव में दिखाई दीं। उनकी इस सादगी ने वहां मौजूद लोगों को भी प्रभावित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ब्रज दौरा क्यों खास
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह वृंदावन दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वह अपने इस दौरे के दौरान कई धार्मिक और सामाजिक स्थलों का भ्रमण कर रही हैं।
वह नीम करोली बाबा के स्मारक भी जाएंगी, जहां श्रद्धालुओं की बड़ी आस्था जुड़ी हुई है। इसके अलावा शाम को रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन भी उनके कार्यक्रम में शामिल है।
इस दौरे में उनका वात्सल्य ग्राम जाना भी तय है, जो साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण संस्था है। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की सेवा के लिए जानी जाती है, जिससे इस यात्रा का सामाजिक पहलू भी सामने आता है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पूरा क्षेत्र बना नो-फ्लाई जोन
राष्ट्रपति के इस दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए हैं। मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आईं जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के निर्देश पर पूरे जिले को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। 19 मार्च सुबह 10 बजे से लेकर 21 मार्च शाम 5 बजे तक किसी भी प्रकार के ड्रोन, पतंग या गुब्बारे उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।






