उज्जैन की पहचान अब सिर्फ धार्मिक नगरी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यहां विकास और आधुनिक सुविधाओं की नई तस्वीर भी सामने आ रही है। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नानाखेड़ा क्षेत्र में ‘नैवेद्य लोक’ का लोकार्पण किया, जिसने शहर को एक नया आकर्षण दे दिया है।
महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह जगह अब खास बन गई है। यहां न सिर्फ स्वादिष्ट मालवा व्यंजन मिलेंगे, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ एक सुसज्जित फूड हब का अनुभव भी मिलेगा।
उज्जैन का नैवेद्य लोक क्या है खास
उज्जैन का ‘नैवेद्य लोक’ इंदौर की मशहूर छप्पन दुकानों की तर्ज पर तैयार किया गया है। यहां कुल 34 दुकानें बनाई गई हैं, जिनका आकार 62 वर्गफीट से लेकर 180 वर्गफीट तक है।
यह पूरा परिसर लगभग 28 हजार स्क्वेयर फीट में फैला हुआ है और इसकी कुल लागत करीब 18 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट को उज्जैन विकास प्राधिकरण ने तैयार किया है, जिससे शहर को एक आधुनिक और आकर्षक फूड स्पॉट मिला है। यहां आने वाले लोगों को साफ-सफाई, सुव्यवस्थित दुकानें और बैठने की बेहतर व्यवस्था मिलेगी, जिससे उनका अनुभव और भी खास हो जाएगा।
नैवेद्य लोक में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
नैवेद्य लोक को सिर्फ खाने-पीने की जगह नहीं, बल्कि एक संपूर्ण अनुभव के रूप में विकसित किया गया है। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ओपन थिएटर भी बनाया गया है, जहां समय-समय पर आयोजन किए जा सकेंगे। इसके अलावा यहां आधुनिक साउंड सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, सर्वर रूम और आपातकालीन बिजली के लिए डीजी सेट की सुविधा भी दी गई है।
महिला, पुरुष और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग प्रसाधन कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें सेंसर आधारित उपकरण लगाए गए हैं। साथ ही पार्किंग, अंडरग्राउंड बिजली और सीवरेज जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इससे साफ है कि नैवेद्य लोक को पूरी तरह आधुनिक और सुविधाजनक बनाने पर खास ध्यान दिया गया है।
श्रद्धालुओं को मिलेगा मालवा के स्वाद का अनुभव
नैवेद्य लोक की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाले मालवा के पारंपरिक व्यंजन हैं। महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब एक ही जगह पर क्षेत्रीय स्वाद का आनंद ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यहां छोटे व्यापारियों और युवाओं को काम मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि इस क्षेत्र को पहले गंदगी और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, लेकिन अब इसे एक आकर्षक और स्वच्छ स्थान में बदल दिया गया है।
नैवेद्य लोक से उज्जैन को क्या फायदा
नैवेद्य लोक के बनने से उज्जैन में पर्यटन को नया बढ़ावा मिलेगा। महाकाल मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनका अनुभव और बेहतर होगा।
इसके साथ ही यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया भी बनेगी। छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को यहां अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा। यह पहल उज्जैन को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।






