मध्य प्रदेश के नीमच जिले की औद्योगिक तकदीर बदलने की एक बड़ी संभावना ने जन्म लिया है। राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में गुरुवार को हुए ‘इन्वेस्ट इन एमपी’ कार्यक्रम के बाद नीमच को एक बड़े टेक्निकल टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की योजना पर मुहर लगती दिख रही है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों को मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया, जिसके बाद उद्योगपतियों ने नीमच में एक टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई है।
यह पहल नीमच और आसपास के क्षेत्रों के हजारों युवाओं के लिए रोजगार का एक नया द्वार खोल सकती है। अगर यह प्रस्ताव मूर्त रूप लेता है, तो नीमच जल्द ही मध्य प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो जाएगा।
रणनीतिक लोकेशन और कनेक्टिविटी का फायदा
उद्योगपतियों की नजर में नीमच एक आदर्श निवेश स्थल क्यों है? इसकी सबसे बड़ी वजह इसकी रणनीतिक लोकेशन है। नीमच राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है और भीलवाड़ा से इसकी दूरी महज 110 किलोमीटर है। नेशनल हाईवे-42 से बेहतरीन कनेक्टिविटी इसे परिवहन के लिहाज से बेहद उपयुक्त बनाती है।
उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि भीलवाड़ा की स्थापित टेक्सटाइल इकाइयों के विस्तार के लिए नीमच एक आदर्श विकल्प है। यहां किफायती जमीन, आसानी से उपलब्ध श्रम और सुगम परिवहन जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
हजारों रोजगार और गारमेंट सिटी की परिकल्पना
प्रस्तावित टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क से बड़े पैमाने पर निवेश आने की उम्मीद है। इससे फैब्रिक, सूटिंग-शर्टिंग, प्रोसेसिंग, टेक्निकल टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर में नई इकाइयां स्थापित होंगी। अनुमान है कि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
भीलवाड़ा के प्रमुख उद्योग समूह जैसे— संगम ग्रुप और एलएनजे ग्रुप ने भी मध्य प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। यदि ये बड़े समूह नीमच का रुख करते हैं, तो इस क्षेत्र को “गारमेंट सिटी” के रूप में एक नई पहचान मिल सकती है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि सहायक उद्योगों जैसे ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और वेयरहाउसिंग का भी विकास होगा।
सरकार की प्रतिबद्धता और मौजूदा आधार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उद्योग विभाग का जिम्मा स्वयं मुख्यमंत्री के पास होने से फैसलों में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार बड़े निवेश प्रस्तावों के लिए विशेष रियायतें, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और त्वरित भूमि आवंटन जैसी सुविधाएं दे रही है।
नीमच का औद्योगिक आधार पहले से ही मजबूत है। जिले के झांझरवाड़ा में विश्वेश्वरा डेनिम और स्वराज शूटिंग्स, ग्राम सोनयाना में सोनयाना टेक्सटाइल यूनिट और मोरवन में सुविधा रेयांश टेक्सटाइल जैसी इकाइयां पहले से ही कपड़ा उत्पादन और प्रोसेसिंग का काम कर रही हैं। टेक्सटाइल पार्क बनने से इन इकाइयों को क्लस्टर आधारित विकास का लाभ मिलेगा, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और निर्यात के नए अवसर खुलेंगे।






