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फिल्मी स्टाइल में करते थे चोरी, वॉकी-टॉकी से करते थे बात, जमानत के लिए पहले से तैयार रखते थे वकील

Written by:Atul Saxena
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टीम के सदस्य आपस में संपर्क में रहने के लिए मोबाइल फोन की जगह वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते थे। ताकि उन्हें ट्रेस न किया जा सके। अगर कोई सदस्य पकड़ा जाता है तो गिरोह के बाकी सदस्य तुरंत फरार हो जाते और कानूनी मदद के लिए पहले से तय वकील सक्रिय हो जाता था।
फिल्मी स्टाइल में करते थे चोरी, वॉकी-टॉकी से करते थे बात, जमानत के लिए पहले से तैयार रखते थे वकील

नीमच शहर में लगातार हो रही चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए नीमच सिटी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने धूम फिल्म की तर्ज पर हाई-टेक तरीके से चोरियों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

नीमच पुलिस ने नीमच से लेकर भोपाल तक 700 सीसीटीवी कैमरे चेक किए तब जाकर पुलिस अनूप सिंह की गेंग तक पहुँच पाई। गिरोह के सदस्य इतने शातिर थे कि वे पुलिस से बचने के लिए आपस में बातचीत करने के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते थे और पकड़े जाने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पहले से ही वकील तैयार रखते थे।

गिरोह के सरगना पर 40 से अधिक अपराध 

पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई बड़ी चोरियों को अंजाम दे चुका था। गिरोह का सरगना अनूपसिंह एक कुख्यात अपराधी है। जिस पर पहले से ही चोरी, लूट और नकबजनी जैसे 40 संगीन अपराध पंजीबद्ध हैं। उसे नेशनल नकबजन के तौर पर भी जाना जाता है।

ऐसे करते थे वारदात

एसपी अंकित जायसवाल के मुताबिक यह गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम देता था। पहले सूने मकानों की रेकी की जाती थी और फिर रात के अंधेरे में धावा बोला जाता था। टीम के सदस्य आपस में संपर्क में रहने के लिए मोबाइल फोन की जगह वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते थे। ताकि उन्हें ट्रेस न किया जा सके।  अगर कोई सदस्य पकड़ा जाता है तो गिरोह के बाकी सदस्य तुरंत फरार हो जाते और कानूनी मदद के लिए पहले से तय वकील सक्रिय हो जाता था।

पुलिस को कई चोरियों का खुलासा होने की उम्मीद 

पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के पास से चोरी का माल, नकदी और वारदात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में कमी आएगी। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके द्वारा अंजाम दी गई अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।

नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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