मादक पदार्थों की तस्करी में एक बार फिर नीमच का नाम बड़े स्तर पर सामने आया है। राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने ‘ऑपरेशन मद-प्रलय’ के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में साफ हुआ है कि सांचौर में पकड़ी गई 81 किलो अवैध अफीम की बड़ी खेप मध्यप्रदेश के नीमच जिले से ही लोड कर राजस्थान ले जाई जा रही थी। इस खुलासे के बाद नीमच के तस्करों और उनके सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
इस नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब सांचौर (जालौर) के लछड़ी टोल प्लाजा (भारतमाला एक्सप्रेस-वे) पर नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। स्पेशल टास्क फोर्स के महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार ने बताया कि तस्करों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। लेकिन साहस दिखाते हुए एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस ने भी मुंहतोड़ जवाबी फायरिंग की और तस्करों की घेराबंदी कर ली। पुलिस के कड़े रुख को देखते हुए तस्करों को मौके पर ही घुटने टेकने पड़े।
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नीमच से ले जाई जा रही थी 5 करोड़ की खेप
तलाशी लेने पर वाहन से 81 किलो अफीम का दूध बरामद हुआ। मौके से शिवपुरा (पाली) निवासी दो आरोपियों श्रवण राम और सूरजा राम को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह स्पष्ट हो गया है कि यह अफीम एक सुगठित साजिश के तहत नीमच से लाई गई थी और इसे राजस्थान में बड़े पैमाने पर खपाने की योजना थी।
भीलवाड़ा में भी 21 किलो अफीम जब्त
नीमच से जुड़े इस नेटवर्क पर एएनटीएफ की यह अकेली चोट नहीं है। ‘ऑपरेशन मद-प्रलय’ के तहत ही भीलवाड़ा में भी एक बड़ी कार्रवाई की गई। यहां गंगानगर और बीकानेर के तीन तस्करों सुभाष, मनफूल और कैलाश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 21 किलो अफीम और एक गाड़ी बरामद की गई है। आईजी विकास कुमार के अनुसार, इन दोनों कार्रवाइयों में पकड़ी गई 1 क्विंटल (102 किलो) से अधिक अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है।
पड़ोसी जिले आगर से एमडी फैक्ट्री के वांटेड गिरफ्तार
नीमच के साथ-साथ मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी राजस्थान एएनटीएफ की नजर है। ‘ऑपरेशन 750’ के तहत पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश में डेरा डाले हुए एएनटीएफ की टीम ने हाल ही में झालावाड़ में पकड़ी गई बड़ी एमडी (MD) ड्रग्स फैक्ट्री के मामले में अहम कामयाबी हासिल की है। टीम ने नीमच के पड़ोसी जिले आगर-मालवा के बड़ौद थाना क्षेत्र से 25-25 हजार रुपये के दो इनामी वांटेड आरोपियों गोपाल सिंह और नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
नशे के खिलाफ प्रहार जारी: आईजी विकास कुमार
इन बड़ी कार्रवाइयों के अलावा उदयपुर में गांजे की एक बड़ी खेप और पाली में 40 किलो अवैध डोडा-चूरा भी जब्त किया गया है। महानिरीक्षक विकास कुमार ने कहा कि राजस्थान में प्रचलित चारों प्रमुख मादक पदार्थों पर एक साथ प्रहार कर कार्रवाइयों का छक्का मारा गया है। उन्होंने कहा, “हम नशे के इस क्रूर साम्राज्य के परखच्चे उड़ाते हुए लगातार आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस मजबूती से लड़ रही है और इसमें जनता का साथ चाहिए ताकि नशे का पूरी तरह से खात्मा किया जा सके।”
अब नीमच सिंडिकेट पर कसेगा शिकंजा
फिलहाल गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। सांचौर पुलिस और एएनटीएफ अब नीमच कनेक्शन को केंद्र में रखकर इस पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की बैकवर्ड लिंकेज (नीमच के सप्लायर) की तलाश में जुट गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में नीमच के कुछ बड़े तस्करों के चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।