राजस्थान की राजनीति में फिर हलचल मच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक उपचुनाव जीतकर खुद को बड़ा खिलाड़ी बता रही है, जबकि सच ये है कि हाल ही में चार नगर पालिका उपचुनावों में से तीन बीजेपी ने जीते हैं। राठौड़ ने गहलोत पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस अब जनता में भरोसा खो चुकी है और जल्द ही राजनीति से गायब हो जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस के पास न रणनीति है, न नेतृत्व।

धीरे-धीरे खत्म हो रही कांग्रेस

मदन राठौड़ ने कहा कि कुल 80 सीटों में से 59 पर बीजेपी ने जीत हासिल की है। कांग्रेस एक भी गढ़ नहीं बचा पाई। उन्होंने कहा कि गहलोत खुद मान चुके हैं कि भजनलाल शर्मा से मुकाबला करना कठिन लग रहा है। राठौड़ ने कहा, “हम कांग्रेस को चारों खाने चित कर देंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पहले सात उपचुनावों में एक सीट जीतकर खुश हो रही थी। अब हालत ये है कि पार्टी बदनाम हो चुकी है और भीतर से कमजोर हो रही है। जनता अब बीजेपी पर भरोसा कर रही है।

नगर निगम चुनाव में अंदरूनी झगड़े उजागर

राठौड़ ने नगर निगम चुनावों पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अभी भी ‘मुंगेरीलाल के सपने’ देख रही है। बीजेपी अनुशासन में चलती है, जबकि कांग्रेस अंदरूनी लड़ाइयों में उलझी हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पीसीसी अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने अपने वरिष्ठ नेता राजेंद्र पारीक को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को निकम्मा कहा था। राठौड़ ने कहा कि ऐसे व्यवहार से पार्टी की छवि और कमजोर हो रही है।

EVM और मतपत्र पर सवाल उठाए गए

राठौड़ ने गहलोत पर लोकतंत्र में विश्वास न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गहलोत सदन में भाग नहीं लेते और जनादेश पर भरोसा नहीं करते। कभी ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, तो कभी मतपत्र से चुनाव कराने की मांग करते हैं। राठौड़ ने कहा कि आज तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है कि मोबाइल से वोटिंग तक संभव है। ऐसे में बार-बार चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाना सिर्फ राजनीति की चाल है। उन्होंने गहलोत से जनता की समस्याओं पर ध्यान देने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता स्वीकार करने की अपील की।