राजस्थान में एक बार फिर सियासी टकराव खुलकर सामने आया है। दरअसल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा है कि उनकी दिल्ली यात्राएं बेकार नहीं होतीं, बल्कि हर बार राज्य के लिए कुछ हासिल करके लौटते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि उनकी सरकार काम करने में विश्वास रखती है और हर दौरे का मकसद राज्य के विकास से जुड़ा होता है।
दरअसल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि आलोचना करना विपक्ष का काम है लेकिन जनता को नतीजे चाहिए। इस बयान को सीधे तौर पर अशोक गहलोत के उस तंज का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के बार-बार दिल्ली जाने पर सवाल उठाए थे।
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दौरे पर राजनीति क्यों तेज हुई?
दरअसल मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं लेकिन इस बार मामला ज्यादा बड़ा हो गया है। बता दें कि विपक्ष का आरोप है कि बार-बार दिल्ली जाना राज्य के कामकाज को प्रभावित करता है। वहीं सीएम भजनलाल शर्मा का कहना है कि ये दौरे जरूरी हैं क्योंकि केंद्र से समन्वय बनाकर ही बड़े फैसले लिए जाते हैं। दरअसल उन्होंने हालिया यात्रा का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार का भी जिक्र किया है जिसमें राजकोषीय घाटे में कमी और प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने गहलोत सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाए
हालांकि अशोक गहलोत और भजनलाल शर्मा के बीच यह टकराव पहली बार नहीं है लेकिन इस बार बयान ज्यादा तीखे नजर आए हैं। दरअसल मुख्यमंत्री ने गहलोत के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार सक्रिय नहीं थी और कई मौके पर कामकाज प्रभावित हुआ। उन्होंने 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए कहा कि उस समय सरकार का ध्यान जनता के काम से ज्यादा अन्य मुद्दों पर था। इसके साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने विधानसभा में अपनी उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश की है और विपक्ष को भी ऐसा करने की चुनौती दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस चर्चा से बच रहा है।