राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने साइबर ठगी के एक बेहद खतरनाक और नए तरीके यूएसएसडी आधारित कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का खुलासा किया है। पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि कैसे ठग डिलीवरी एजेंट बनकर आपकी कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए आपकी डिजिटल पहचान और जमापूंजी पर डाका डाल रहे हैं।
यूएसएसडी स्कैम में ऐसे जाल बिछाते हैं अपराधी
उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि इस नए ट्रेंड में अपराधी कूरियर या डिलीवरी सर्विस एजेंट बनकर नागरिकों से संपर्क करते हैं। वे पार्सल की डिलीवरी कन्फर्म करने या उसे रीशेड्यूल करने का बहाना बनाकर पीड़ित को झांसे में लेते हैं। इसके बाद पीड़ित को एसएमएस के जरिए एक कोड भेजा जाता है जो अक्सर ’21’, ’61’ या ’67’ से शुरू होता है और उसके पीछे ठग का मोबाइल नंबर होता है। अपराधी इस कोड को डायल करने का दबाव बनाते हैं, जिसे यूएसएसडी (अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा) कहा जाता है।
कॉल फॉरवर्ड होते ही ठगों के पास पहुँच जाते हैं आपके बैंक ओटीपी
जैसे ही पीड़ित अपने फोन से यह कोड डायल करता है, उसके मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सेवा अपने आप सक्रिय हो जाती है। इसके बाद पीड़ित के फोन पर आने वाले सभी महत्वपूर्ण कॉल, बैंक पेमेंट के ओटीपी वेरिफिकेशन कॉल, और यहाँ तक कि व्हाट्सएप या टेलीग्राम के ऑथेंटिकेशन कोड सीधे ठग के फोन पर चले जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि अपराधी पीड़ित के बैंक खातों से अनधिकृत वित्तीय लेनदेन कर लेते हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी हैक कर लेते हैं।
सुरक्षा के अचूक उपाय: ##002# करे डायल
साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर कोई भी कोड डायल न करें। यदि आपको संदेह है कि आपकी कॉल फॉरवर्ड हो रही है, तो तुरंत ##002# डायल करें, जिससे सभी कॉल फॉरवर्डिंग सेवाएं तुरंत कैंसिल हो जाएंगी। इसके अलावा, किसी भी कूरियर की जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर से ही वेरिफाई करें और एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत यहाँ करें रिपोर्ट
डीआईजी शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बैंक द्वारा भेजे जाने वाले जागरूकता संदेशों को अनदेखा न करें। यदि किसी के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी होती है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर या राजस्थान पुलिस के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।





